
शर्मनाक: चप्पल चुराने के आरोप में मंदिर परिसर में बच्चों को दी गयी तालिबानी सजा। Voice of Darbhanga

दरभंगा: बच्चों को भगवान का रूप कहा जाता है। पर भगवान के पुजारी जब मामूली बात पर उन्ही बच्चों पर जुल्म ढाने लगे तो क्या किसी भी आडंबर से भगवान खुश हो सकते हैं भला! कुछ ऐसा ही हृदय विदारक घटना लहेरियासराय थानाक्षेत्र के पुलिस लाइन के निकट मंदिर में सोमवार को देखने को मिला जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। चप्पल चोरी के मामूली आरोप में दो मासूम बच्चों को मंदिर प्रांगण में पीटा गया और फिर घण्टो पाये से बांध कर रखा गया। मीडिया का कैमरा चलने पर भी पुजारी शान से बच्चों को बांधे रखे। मीडिया के माध्यम से जब यह सूचना लहेरियासराय थाने में पहुंची तो पुलिस हरकत में आयी और बच्चे को कब्जे में लेकर थाने ले आयी। बाद में बच्चों के माँ बाप को बुलाकर उन्हें सौंपा गया और फिर मामले की प्राथमिकी भी दर्ज हुई।
सबसे बड़ी बात यह मंदिर न्यायालय परिसर के पीछे और पुलिस लाइन के बगल में स्थित है जहाँ से किसी न किसी पुलिस कर्मी का आना जाना लगा रहता है। फिर यह सूचना पुलिस से पहले मीडिया तक पहुंचना और तब पुलिस का एक्शन लेना भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है। हालांकि ऐसे मंदिरों में धर्म के नाम पर पुजारियों का जो वर्चस्व और राजनितिक पहुँच होता है, ऐसे में पुलिस द्वारा कारवाई के नाम पर खानापूर्ति की उम्मीद ही ज्यादा लगती है।

