Home मुख्य मणिश्रृंखला की 13वीं पुस्तक छठमणि का लोकार्पण। Voice of Darbhanga
मुख्य - October 16, 2017

मणिश्रृंखला की 13वीं पुस्तक छठमणि का लोकार्पण। Voice of Darbhanga

बिरौल : मणिकांत झा रचित छठमणि का लोकार्पण आज बिरौल स्थित एक पब्लिक स्कूल के प्रांगण में किया गया. लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी मो. सफीक ने कहा कि साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता है. मणिकांत की ताजा रचनायें मिथिला की समृद्धि लोक संस्कृत को सहेजने में कारगर साबित होगी. उन्होंने इन रचनाओं को एलबम के माध्यम से प्रचारित एवं प्रसारित करने का अनुरोध किया. सनद रहे कि छठमणि मणिश्रृंखला की 13वीं पुस्तक है. विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने अपने संबोधन में कहा कि मणिकांत झा द्वारा चलाये जा रहे गीतों की यह श्रृंखला निरंतर प्रवाहमान रहेगी. इस अवसर पर डा. जयप्रकाश चौधरी जनक ने अपने संबोधन में कहा कि कोशी की पावन धरती पर इस पुस्तक का लोकार्पण मणिश्रृंखला के लिए शुभ संकेत है. इस अवसर पर डॉ. कमलाकांत झा ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 10 वर्षों से मणिकांत झा ने मैथिली के गीत भंडार को बहुत ही समृद्धि किया है, जो अनुकर्नीय है. कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्राचार्य अयज कुमार सिंह ने किया, जबकि विष्णुदेव झा विकल ने कविता के माध्यम से पुस्तक की चर्चा की. इस अवसर पर अशोक कुमार मेहता, हरिश्चंद्र हरित, प्रवीण कुमार झा, विनोद कुमार झा, शारदानंद सिंह, बेचन मिश्र, उमाशंकर टेकरीवाल, राजा बाबू आदि ने अपने विचार रखे. वहीं इस अवसर पर गन्धर्व झा, विनय कुमार झा, दीपक कुमार झा, बमबम झा, नीरज झा, केदारनाथ कुमर, अशोक कुमार झा, अजय कुमार सुमन, सौरभ, रौशन, मनीष, गौतम, अभिमन्यु, ऋतिक, रंजीत सहित कई लोगों ने अपना योगदान दिया.

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