
सरकारी अनुदान दिलाने के नाम पर लोगो को चूना लगाने वाला ठग चढ़ा पुलिस के हत्थे। Voice of Darbhanga

दरभंगा: सरकारी योजना के तहत अनुदान दिलवाने और नौकरी दिलाने का लालच देकर सुविधा शुल्क (पैसों) वसूलने वाला एक शख्स मंगलवार को नाटकीय घटनाक्रम के बाद पुलिस की गिरफ्त में पहुंच गया. उस पर आरोप है कि तंगहाली से उबरने के लिए बेचैन लोगों को वो शिकार बनाता है. पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है.
लहेरियासराय थाने की पुलिस ने जब तहकीकात शुरू की तो चौंकाने वाले तथ्य एक एक कर खुलते गए. हेमंत कुमार राय नाम के इस व्यक्ति के पास से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और बिहार के सॅालिसीटर जनरल के दस्तखत किए हुए सादा लेटर पैड मिले हैं.
इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट, पटना स्थित भू-अर्जन विभाग, दरभंगा के जिला जज, दरभंगा रेंज के आइजी कार्यालय और दरभंगा कोलेक्टोरेट के साथ हुए पत्राचार के कागजात भी बरामद हुए. डीएसपी दिलनवाज अहमद का कहना है कि ये कागजात फर्जी हो सकते हैं.
इस मामले पर सदर डीएसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि हेमंत कुमार राय ने हायाघाट इलाके के पौराम उत्तरी टोला निवासी रमण कुमार झा से उसकी विधवा मां को चार लाख अनुदान मिलने के नाम पर पांच हजार रूपये की ठगी कर ली. असल में दो हफ्ते पहले रमण को मानवाधिकार आयोग से एक पत्र मिला था जिसमें चार लाख रूपये अनुदान मिलने की बात लिखी थी. पत्र मिलने के दो दिन बाद ही हेमंत पौराम पहुंच गए और रमण से अनुदान दिलाने के नाम पर पांच हजार रूपये लिए.
पुलिस के मुताबिक रमण को तब सुबहा हुआ जब हायाघाट से लौटने के क्रम में हेमंत ने उससे उस गांव के विधवा महिलाओं की सूची बनाकर रखने की बात कही.
आरोपी हेमंत राय समस्तीपुर जिले के रोसड़ा इलाके के भीरहा गांव के निवासी हैं और फिलहाल दरभंगा के मिर्जापुर में किराए के मकान में रहते हैं. रमण ने कहा कि सूची बनाने की बात सुन कर उन्हें शंका हुई. उसके बाद वे दरभंगा आकर डीडीसी विवेकानंद झा से मिले और अनुदान से संबंधित कागजात दिखाए. बकौल रमण, डीडीसी ने कागजात को फर्जी बताया और हायाघाट के बीडीओ प्रेम कुमार को मामले की जांच करने का निर्देश दिया.
जानकारी के मुताबिक इस बीच रमण ने आरोपी हेमंत को फोन पर विधवा महिलाओं की सूची बन जाने की सूचना देकर बुलाया. मंगलवार को जब आरोपी हायाघाट पहुंचे तो रमण महिलाओं से मिलवाने के नाम पर उन्हें बाइक से लहेरियासराय ले आए. रमण ने चालाकी से बाइक को लहेरियासराय थाने में घुसा दिया.
एसएचओ ने हेमंत राय को गिरफ्तार कर लिया. इस बीच ये खबर थाने से बाहर फैल गई. इमामबाड़ी मुहल्ले के भवनाथ मिश्र भी थाने पहुंच गए और पुलिस को अपनी दास्तान सुनाई. उन्होंने बताया कि बिजली विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने उनसे एक लाख बीस हजार रूपये ठग लिए थे. पुलिस की एक टीम ने आरोपी हेमंत राय के मिर्जापुर स्थित आवास पर छापेमारी की. समाचार लिखे जाने तक छापेमारी चल रही थी.
दरभंगा पुलिस के मुताबिक आरोपी ने कुबूल किया है कि इस तरह के काम में वो एक दशक से लगे हैं. तफ्तीश पूरी होने के बाद ही पता चल पाएगा कि आरोपी हेमंत राय अकेले हैं या इस रैकेट में और लोग भी शामिल हैं?

