
तो क्या मुखिया पति के राजनितिक ध्रुवीकरण की मंशा ने बिगाड़ा पैठान कबई का माहौल! Voice of Darbhanga

दरभंगा(सं0सू0): मनीगाछी थाना क्षेत्र का पैठान कबई गांव दूसरे दिन भी पुलिस छावनी में तब्दील रहा। प्रशासन शांति समिति की बैठक कर दोनों समुदाय के लोगों से सौहार्द बनाने की अपील की। दोनों ओर से दस-दस लोगों को चयनित कर शांति बनाने का दायित्व दिया गया। मालूम हो कि विगत 40 वर्षों से छठ पूजा पर अष्टयाम का आयोजन होता आ रहा है। लेकिन, दोनों समुदाय में कभी कोई विवाद नहीं हुआ। हालांकि, पांच वर्ष पूर्व सरस्वती पूजा में विर्सजन दौरान एक घटना घट गई थी। तत्कालीन एसएसपी गरीमा मल्लिक ने स्वयं पहुंचकर मामला शांत ही नहीं कराया बल्कि, अपनी मौजूदगी में विसर्जन भी कराया। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता भी कराया। तब से गांव में अमन चैन बना रहा । लेकिन, इस वर्ष दोनों समुदायों के बीच विवाद पुन: गहरा गया। इस पर वॉयस ऑफ़ दरभंगा के संवाद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुखिया पति हसनैन खान की राजनीतिक ध्रुवीकरण की मंशा सामनी आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने पूजा का लाइसेंस निर्गत कर विर्सजन जुलूस का रूट भी निर्धारण किया था। थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि रूट पूर्व की तरह ही रहेगा। दास मोहल्ला से साहू मोहल्ला होते हुए पैठान कबई चौक होते हुए खजुरबना चौक से होते हुए बेल पोखर में विसर्जन होना था। लेकिन, एक पक्ष के लोगों ने उससे पहले ही आपत्ति दर्ज कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मुखिया पति हसनैन खान के नेतृत्व ने जानबूझ कर हंगामा खड़ा करने केलिए आपत्ति करवाया। चुनाव के ध्रुवीकरण केलिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। हो हंगामा होता देख प्रशासन ने कलश को अपनी गाड़ी से बेहटा गांव के तालाब में ले जाकर विसर्जन करा दिया। इस दौरान पुलिस अपनी गाड़ी पर प्रभात प्रसाद व दिनेश दास को भी बैठाकर ले गई थी। स्थिति को देख प्रशासन ने दोनों युवकों को रास्ते में ही उतार दिया। चौक पर पुलिस की गाड़ी को देख दूसरे पक्ष के लोग आक्रोशित होकर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिए। घटना में थानाध्यक्ष, एक हवलदार, चार बीएसएफ के जवान सहित कई पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। पुलिस गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। नेहरा ओपी से बल पहुंचते ही पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को पकड़ने की कोशिश की। लेकिन, इसी बीच फायरिंग व बम फूटने जैसी आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस पीछे हट गई । घटना की गंभीरता को देख डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह व एसएसपी सत्यवीर सिंह गांव में पहुंचकर हालाता को नियंत्रित किया। दूसरे दिन भी 144 लगा रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। मुखिया पति हसनैन खान की खोज की गई। लेकिन, वे घर पर नहीं मिले। हलाँकि तलाश जारी है।

