
कृष्ण-सुदामा नाटक ने दिखाया दोस्ती का वास्तविक महत्व। Voice of Darbhanga

दरभंगा : प्रखंड क्षेत्र के सहोड़ा गांव में रविवार की रात मैथिली नाटक कृष्ण-सुदामा का मंचन किया गया. सरस्वती नाट्य कला परिषद द्वारा आयोजित नाटक के माध्यम से कलाकारों ने गरीब ब्राह्मण सुदामा और द्वारिका के राजा श्री कृष्ण की मित्रता को बड़े ही मार्मिक रूप से दिखाया. चुनचुन झा द्वारा गरीब सुदामा के चरित्र को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा. वही हास्य-व्यंग के लिए मंच पर विपीन झा और चुनचुन झा द्वारा जब नेंगरा-टेंगरा के रूप में प्रस्तुती की गयी तो लोग हँसते-हँसते लोट-पोट हो गये. नाटक के माध्यम से एक ओर जहां अमीर और गरीब मित्र की मित्रता दिखाई गयी. वहीं दूसरी ओर हरि नारायण और रंधीर द्वारा शराबबंदी, नारी सशक्तिकरण और देश प्रेम पर आधारित झांकी को लोगों ने खूब सराहा. कृष्ण बने अनंत शेखर रुक्मिणी के रूप में प्रकाश झा, सुदामा की पत्नी बने बसुंधरा के रूप में गजेन्द्र झा तथा पुत्र बने बाल कलाकार आयुष झा की भी लोगों ने खूब तारीफ की. कार्यक्रम की शुरूआत स्वास्ति वाचन व गोसावनिक गीत तथा गांव के मुखिया विजय पासवान, शिक्षाविद कृष्ण मोहन झा, मुरारी झा, देवेन्द्र मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप जला कर किया गया. मौके पर नाट्य कला परिषद के वरिष्ठ कलाकार मुकेश मिश्र, चन्दन झा, वंशीधर झा, उमेश मिश्र, पंडित बैजू झा, हरि नारायण झा, गोलू झा, माधव मिश्र, लाली मिश्र, भोला झा,ललन चौधरी सहित सैकड़ों की संख्या में दर्शक मौजूद थे.

