
स्वास्थ मंत्री के स्वागत के कारण मरीजो की जान रही जोखिम में! Voice of Darbhanga

दरभंगा: उत्तर बिहार के सबसे बड़ा हॉस्पिटल डीएमसीएच में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे का दौरा हुया। परंतु मरीज पूर्व की भांति ही आज भी असुविधाओं को झेलने पर मजबूर थे। ऐसा ही दृश्य आज उस समय देखने को मिला जब एक तरफ केंद्रीय मंत्री और उनके काफिला डीएमसीएच का निरीक्षण कर रहे थे। और दूसरी तरफ लाचार मां अपने बेटे को ट्रॉली पर लिटा कर उसे ऑर्थो वार्ड में दो महिलाओं के सहयोग से खींचे जा रही थी। कमतौल थाना क्षेत्र के रगौली गांव निवासी रेखा देवी ने बताया कि अपने बेटे अमर कुमार को प्लास्टर कटाने के लिए ले जाना था। ट्रॉली मैन से बहुत आग्रह किया परंतु वह ले जाने से इंकार कर दिया। तो एक ट्रॉली वहां पर रखी हुई थी। उसी पर हम व मेरी गोतनी बच्चे को उस पर लिटा कर ले जा रहे हैं। जबकि ट्रॉली और ट्रॉली मैन पर डीएमसीएच में लाखों का महीना खर्च होता है।
वहीँ एक अन्य मरीज के परिजन ने बताया उनके बेटे का इलाज़ नही हो पा रहा। डॉक्टर नही है। दवा आदि कुछ नही है। सब बाहर से लेने को कहा गया जिसकी कीमत लगभग आठ से नौ हजार है। इसलिए बेटे को मरते हालत में घर ले जा रहे हैं।
मंत्री श्री चौबे के स्वागत में इंताजार कर रहे कार्यकर्ताओं ने एकमी के निकट बीच सड़क पर गाड़िया लगा दी जिससे जाम फंस गया। इस जाम एक एम्बुलेंस को निकलने में एक घण्टा से अधिक का वक्त लग गया।

