Home मुख्य भक्तिमय वातावरण में श्यामा मंदिर में वार्षिक नवाह महायज्ञ की हुई शुरुआत। Voice of Darbhanga
मुख्य - November 7, 2017

भक्तिमय वातावरण में श्यामा मंदिर में वार्षिक नवाह महायज्ञ की हुई शुरुआत। Voice of Darbhanga

दरभंगा : ऐतिहासिक माधवेश्वर प्रांगण स्थित श्रीरमेश्वरी श्यामा मंदिर में माँ श्यामा नामधुन नवाह यज्ञ भक्तिमय वातावरण में मंगलवार से प्रारम्भ हो गया. इसका समापन 16 नवम्बर को होगा. दिन के 10:45 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी डॉ0 प्रेमानन्द झा ने हवनवेदी का विधिवत पूजन कर अग्नि प्रज्ज्वलित किया. इसके पूर्व घंटा घर में अखंड दीप जलाया गया. इस अवसर पर हवन का प्रारंभ मंदिर के सहायक पुजारी शरद कुमार झा ने किया. हवन प्रारंभ होने के बाद सहायक पुजारी के साथ भक्तों की टोली हवन कुंड का प्रदक्षिणा कर संकीर्तन स्थल पहुंची. जहां कीर्त्तन मंडलियों, वाद्ययंत्रों, ध्वनि विस्तारक यंत्र आदि का विधिवत पूजन किया गया. सहायक पुजारी के साथ पंडित अच्युतानन्द झा, विनोद कुमार झा, संतोष कुमार झा, कैलाश बैरोलिया आदि उपस्थित थे. इसके बाद सहायक पुजारी माँ श्यामा के गर्भगृह पहुंचे और विधिवत पूजन व आरती की. आरती के पश्चात दैन्य स्तुति के बाद ‘‘जय श्यामा माई श्यामा माई श्यामा माई जय श्यामा माई’’ मंत्र से मंदिर की प्रदक्षिणा की गई और इसके साथ ही संकीर्त्तन मंच पर बैठे कलाकारों ने वाद्ययंत्रों के साथ नामधुन प्रारंभ कर दिया. इस अवसर पर माँ श्यामा मंदिर न्यास समिति की ओर से भंडारा और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है. मंदिर को फुलों से सजाया गया है. दूर से ही श्यामा मंदिर में चल रहे नवाह यज्ञ का अनुभव हो जाता है. मंदिर परिसर के मुख्य द्वार के बाहर दुकाने सज गई है. वहीं प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है और छोटे-छोटे रंगीन बल्व से मंदिर को सजाया गया है. हलांकि सजाने का काम अभी जारी है. इस अवसर पर भक्तों की सुविधा के लिए महिला और पुरूषों के लिए अलग-अलग प्रवेश व निकासी द्वार बनाये गये हैं. माधवेश्वर प्रांगण की सफाई भी की जा रही है. प्रांगण में प्रवेश के लिए मुख्य द्वार के अलावा तीन द्वार अतिरिक्त हैं. भीड़ के नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों व पुलिस बल को लगाया गया है. वहीं घंटा घर से उत्तर बने चबुतरे पर दुर्गा सप्तशती का पाठ और गणेश जप किया जा रहा है. मिथिला के वार्षिक धार्मिक अनुष्ठानों में श्यामा मंदिर का यह नवाह मिथिला, तिरहुत और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के भक्तों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहता है।

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