Home मुख्य तो क्या सांसद मद से हो रहे निर्माण में घपले को दबाने केलिए मुखिया ने दिखायी दादागिरी! Voice of Darbhanga
मुख्य - November 8, 2017

तो क्या सांसद मद से हो रहे निर्माण में घपले को दबाने केलिए मुखिया ने दिखायी दादागिरी! Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार

अलीनगर प्रखण्ड के अधलोआम पंचायत के शंकरपुर में एक सरकारी पोखर में सांसद मद से हो रहे रिटर्न वाल एवं घाट निर्माण कार्य में भारी घपले का आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाया गया है। मामला उजागर होने का डर जब हुआ तो विभाग के अभियंता हसन इमाम एवं मुखिया दिगम्बर यादव द्वारा घपले को छिपाने केलिए आनन फानन में निर्माण शुरू करने केलिए जबरन मनोज कुमार झा के निजी बगीचे से नाला चीरकर पानी निकासी का कोशिश किया गया। इस संदर्भ में आरोप लगाते हुए मनोज कुमार झा द्वारा बहेड़ा थाना में एक आवेदन भी दिया गया है। श्री झा ने आरोप लगाया कि गत 6 नवम्बर को जबरन उनके बगीचे से मुखिया एवं अभियंता द्वारा नाला चीरा जा रहा था। उन्होंने रोका तो मुखिया दिगम्बर यादव ने दबंगता दिखाते हुए गाली गलौज एवं मारपीट की।

इस संदर्भ में जब वॉयस ऑफ़ दरभंगा के द्वारा स्थानीय एवं विभागीय स्तर पर पड़ताल की गयी तो पता चला कि ग्रामीणों का आक्रोश इस बात को लेकर था कि अप्रैल 2017 में शुरू करके तीन माह में निर्माण पूरा करने के निर्देश के वाबजूद कोई कार्य हुआ नही, बस थोड़ा सा नाम मात्र घटिया निर्माण ईंट जोड़कर कर नाम केलिए कर दिया गया और आधा से ज्यादा राशि की निकासी हो गयी। जब मामला गर्माया तो आनन फानन में पानी निकाल कर कार्य की व्यहारिकता पूरी करने केलिए मुखिया और कनीय अभियंता ने षड्यंत्र रचा और निजी बगीचे से जबरन नाला बनाकर पानी निकालने की कोशिश की।

इस संदर्भ में बात करने पर कनीय अभियंता हसन इमाम ने कहा कि 100 फीट का रिटर्न वाल तैयार है पर बाढ़ के कारण पानी ज्यादा आ जाने से दीवाल डूब गया और दिखाई नही दे रहा है। एस्टिमेट के हिसाब से ही केवल रिर्टन वाल के मद में तीन लाख की निकासी की गयी और टैक्स आदि काटकर दो लाख सत्तर हजार का भुगतान अभी तक किया गया है। घाट निर्माण का काम पानी ज्यादा हो जाने की वजह से नही हो पाया है। इसी दौरान मुखिया दिगम्बर यादव द्वारा जल्द निर्माण करवाने केलिए नाला बनाकर पानी निकलवाने का काम किया गया। नाला किसी के निजी बगीचे से उसकी सहमति के बिना होने की जानकारी उन्हें नही थी। मुखिया द्वारा अगर ऐसा किया गया तो यह गलत है। पानी सूखने का इंतज़ार करना चाहिए या पम्पिंग सेट आदि से पानी निकलवा लेना चाहिए था। मुखिया ने अनावश्यक रूप से विवाद खड़ा करवा दिया जिससे विभाग का कोई लेना देना नही है।

इस संदर्भ में बात करते हुए सांसद प्रतिनिधि मिथिलेश चौधरी ने बताया कि यदि कोई गड़बड़ी या अनियमितता सामने आता है तो सांसद के तरफ से वे खुद जिलाधिकारी से मिलकर प्राथमिकी दर्ज करवाने केलिए आवेदन देंगे।

पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद कीर्ति आजाद ने बताया कि उनके योजना में कोई गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नही होती है। यदि गड़बड़ी की गयी तो गड़बड़ी करने वाले पर हर हाल में करवाई होगी।

इन सारे मामलो के बीच मुखिया दिगम्बर यादव की भूमिका संदेह के घेरे में है क्योंकि यह योजना विभाग द्वारा होना है। इसमें मुखिया का अधिकारिक रूप से कोई भूमिका नही होती है। फिर भी मुखिया का रूचि लेकर जबरन निजी व्यक्ति के बगीचे से नाला बनवाकर पानी निलवाने का प्रयास करवाना, विभागीय अभियंता से सांठ गाँठ की ओर भी इशारा जरूर करता है।

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