Home मुख्य डीएमसीएच: बहन के ऑपरेशन केलिए दस हज़ार मांगने पर डॉक्टर के पकड़ लिए पाँव, पर नही पिघले डॉक्टर! Voice of Darbhanga
मुख्य - November 10, 2017

डीएमसीएच: बहन के ऑपरेशन केलिए दस हज़ार मांगने पर डॉक्टर के पकड़ लिए पाँव, पर नही पिघले डॉक्टर! Voice of Darbhanga

दरभंगा: हाल ही दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बन रहे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निरीक्षण करने आये केंद्रीय राज्य स्वास्थ एवं परिवार कल्याण मंत्री अश्विनी चौबे ने डीएमसीएच की हालत सुधरने का भरोसा दिया था। शुक्रवार को इन दावों की पोल खोलती कहानी सामने आयी जब मधुबनी जिले के अंधरामठ थाने का निवासी रामलाल चौपाल अपने बहन तारावती के ऑपरेशन केलिए दर दर भटकता नजर आया। जब कहीं आसरा न मिला तब अंत में उसने दरभंगा के जिलाधिकारी डा0 चंद्रशेखर सिंह को आवेदन देकर अपनी पीड़ा सुनायी।

श्री चौपाल मजदूरी कर के अपने घर परिवार का पालन पोषण करते हैं। गत 13 अगस्त 2017 से उनकी बहन डीएमसीएच में डा0 अरविन्द कुमार के यूनिट में इलाजरत है। कई जाँच एवं दवाएं बाहर से पैसे देकर करवाने पड़े। सारे जाँच आदि के बाद डॉक्टर ने 10 नवम्बर को ऑपरेशन का डेट दिया। श्री चौपाल बताते हैं कि जब ऑपरेशन की तैयारी हो गयी तो डॉक्टर ने उन्हें साइड में बुलाकर कर दस हज़ार रुपये देने को कहा। मजदूरी करके घर चलाने वाले श्री चौपाल पहले से तंग तबाह हो चुके थे। दस हज़ार का नाम सुनकर उनके पाँव तले जमीन खिसक गयी। डॉक्टर के पैरों में गिरकर श्री चौपाल मिन्नत करने लगे कि उनसे सम्भव नही है दस हज़ार की व्यवस्था। उनकी बहन मर जायेगी। ऑपरेशन कर दें। पर डॉक्टर ने एक न सुनी, एक लाइन में कह दिया कि दस हज़ार दो तभी ऑपरेशन होगा, नही तो जहाँ जाना हो, चले जाओ।

इसके बाद किसी प्रकार श्री चौपाल पहले दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक के पास गुहार को पहुँचे जहाँ एक स्टाफ ने उन्हें जिलाधिकारी से मिलने की सलाह दी। इसके बाद वह सीधे जिलाधिकारी के आवास पहुँच कर उन्हें आवेदन दिया।

यह कहानी डीएमसीएच में सिर्फ एक रामलाल चौपाल की नही, अपितु दूर दूर से भी आने वाले सैकड़ो हज़ारो मरीजों की है। अक्सर मरीज के परिजन एवं डॉक्टरों के बीच झड़प मारपीट की खबर भी सुर्खियां बनती है। डॉक्टर आरोप लगा देते हैं कि उनके साथ बदतमीजी की जाती है। परंतु सोचनीय विषय है कि जिस डॉक्टर को धरती पर भगवान के दूसरे रूप का दर्जा दिया गया है, उनका इसप्रकार का दानवी कृत्य उनके पवित्र पेशे की छवि को दिनोदिन दागदार करता जायेगा। मंत्री विधायक आदि को निर्माण के शिलान्यास और उद्घाटन की तालियां और समाचार मिलता जाएगा पर जब तक जमीनी व्यवस्था नही सुधरेगी, सुविधाएं बढाने के बाद भी गरीब मरीज बेमौत मरते रहेंगे।

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