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मुख्य - November 15, 2017

तो क्या जिलाध्यक्ष के इशारे पर जदयू नेताओं से प्रशासन ने की बदसलूकी! Voice of Darbhanga

दरभंगा: प्रशासन की बेरूखी के कारण बुधवार को पोलो ग्राउंड स्टेडियम में उस समय अफरा-तफरी सी मच गई जब सीएम नीतीश का स्वागत करने पहुंचे जेडीयु नेताओं को वहां से खदेड़ दिया गया.

प्रशासन के व्यवहार पर भड़के इन नेताओं ने हैलीपैड के समीप मौजूद अधिकारियों पर बदसलूकी का आरोप लगाया है.

नीतीश कुमार के हेलीकाप्टर से उतरने के बाद कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने कार्यकर्त्ताओं के साथ हुए दुर्व्यवहार का मुद्दा सीएम से उठाया. नीतीश ने अधिकारियों को नसीहत दी और कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत कराया. हनुमाननगर, हायाघाट और बहेड़ी से आए ये नेता उत्साह से अपने शीर्ष नेता का दीदार करना चाहते थे. तभी ये प्रकरण सामने आया. कुछ नेताओं ने अपनी ही पार्टी के एक नेता पर अधिकारियों को उकसाने का आरोप लगाया. हालांकि सार्वजनिक रूप से उस नेता का नाम लेने से उन्होंने परहेज किया. परंतु प्रत्यक्षदर्शी सूत्र बताते हैं कि जदयू जिलाध्यक्ष सुनील भारती ने पुलिस बलों को उकसाया कि मुख्यमंत्री के आगमन पर कुछ नेता हंगामा कर सकते हैं. हलाँकि उनका इशारा विरोधी खेमे के कुछ नेताओं की तरफ था, पर खामियाजा वरिष्ठ नेताओं को भी भुगतना पड़ा. शशिकांत प्रसाद साह उस वाकये से उबर नहीं पाए हैं. जदयू हनुमाननगर प्रखंड अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद साह ने बताया कि हम खुशी से अपने नायक का इंतजार कर रहे थे. तभी हमें कहा गया कि यहां से भागो नहीं तो गर्दनिया देकर निकालेंगे. सुरक्षा संभाल रहे कई लोग हमारी तरफ लपके.

जानकारी के मुताबिक करीब 50 की संख्या में ये नेता उपस्थित थे. पोलो ग्राउंड में उस समय मौजूद वरिष्ठ जेडीयु नेता अजय चौधरी के अलावा मदन राय और दीदार हुसैन चांद ने घटना की तसदीक की. अजय चौधरी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की पीड़ा से आहत होकर उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से हस्तक्षेप के लिए आग्रह किया. उपस्थित सूत्र बताते हैं कि वरिष्ठ नेता अजय चौधरी और मदन राय को भी नही बख्शा गया। श्री चौधरी ने अंततः प्रेस कार्ड दिखा कर अपनी प्रतिष्ठा बचायी।

पार्टी सूत्र बताते हैं कि 42 ट्रक राहत घोटाले में चर्चा में आने के बाद अपनी पार्टी के नेताओं का विरोध झेल रहे जिलाध्यक्ष सुनील भारती का फिलहाल कई वरिष्ठ नेताओं से भी अनबन चल रहा है। उन्हें यह डर सता रहा था कि कोई उनकी शिकायत मुख्यमंत्री से न कर दे, इसी डर से उन्होंने इस तरह की चाल चली।

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