
एमएसयू के मिथिला विवि में विशाल प्रदर्शन को लेकर पूरा शहर दिखा पीला-पीला। Voice of Darbhanga

दरभंगा: एलएनएमयू की गरिमा लौटाने को लेकर एमएसयु के विशाल प्रदर्शन में जुटे हज़ारो सेनानियों के पीले रंग के टी शर्ट और झंडा बैनर से पूरा शहर पीला पीला सा दिखने लगा. शहर की रफ़्तार पर ब्रेक लग गयी और लग रहा था कि जैसे सभी रास्ते मिथिला विवि की तरफ ही मुड़ गये हों।
मिथिला स्टुडेन्ट युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन मिश्र ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यहां भ्रष्टाचार व्यापक रूप से फैला हुआ है. उन्होंने कहा कि एलएनएमयू की ऐसी स्थिति हो गई है कि यदि किसी अन्य शहर में इंटरव्यू के लिए लोग जाते हैं तो उन्हें यह कह कर छांट दिया जाता है कि आपका डिग्री फर्जी है. रैली में जुटे भीड़ को देखते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से यहां छात्र जुटे हैं उससे तो अब लग रहा है कि मिथिला में शिक्षा की स्थिति में परिवर्तन होगा. वहीं संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष ने कहा कि यहां का प्रशासन छात्र विरोधी हो गई है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यहां धड़ल्ले से प्रश्न पत्र लीक होते हैं और कॉलेजों में छात्रों से अवैध वसूली की जाती है. संगठन के पटना इकाई की महिला अध्यक्ष अनुपम झा ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय में नियमित रूप से वर्ग संचालन और छात्र संग चुनाव कराने की मांग की. रैली के बाद एमएसयू का एक शिष्टमंडल 11 सूत्री मांग पत्र कुलपति को सौंपा. मांग पत्र के बारे में कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि छात्रों द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में से जो भी मांग छात्रहित और विश्वविद्यालयहित में होगा उसे पूरा किया जायेगा. उन्होंने कहा कि छात्रों ने वाई-फाई की मांग की है, यह कार्य किया जा रहा है. केन्द्रीय पुस्तकालय और कॉलेजों में वाई-फाई की सुविधा शुरू हो गई है. कॉलेजों के पुस्तकालय का कम्प्युटराइजेशन भी हो चुका है. सत्र नियमित करने के संबंध में उन्होंने कहा कि 8 जून तक सभी परीक्षाएं ले जी जाएगी. इससे पहले विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष नवोदिया के नेतृत्व में विशाल छात्र रैली निकाली गई. प्रदर्शन के क्रम में छात्र बैलगाड़ी पर सवार होकर आये थे. छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासन के विरोध में नारे लगा रहे थे. प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो एक लम्बे अंतराल के बाद एमएसयु के नेतृत्व में इतनी बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय में शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करने को लेकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे. जानकार तो यहां तक कहते हैं छात्रों की उमड़ी भीड़ विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है.

