
विश्व मत्स्य दिवस पर जाले के कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यक्रम आयोजित। Voice of Darbhanga

जाले : कृषि विज्ञान केंद्र जाले के सभागार में मंगलवार को विश्व मत्स्य दिवस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जाले, सिंहवाड़ा, केवटी व बहेड़ी प्रखण्ड के लगभग बीस महिलाए सहित एक सौ अधिक मत्स्यपालक किसानों ने भाग लिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्र के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुपमा कुमारी ने करती हुई. अपने अध्यक्षीय संबोधन में कही की मत्स्य पालक किसानों को अपनी आमदनी दुगुनी करने के लिये उन्हें नई तकनीकी से मछली पालन की कई तकनीकी पर विशेष जोर देना होगा. मत्स्य वैज्ञानिक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पूरे विश्व में मछली पालक आज के दिन को विश्व मत्स्य दिवस के रूप में मनाते है, ताकि लोगो को अपने प्राकृतिक जल स्रोत यथा नदी, तालाब व समुद्र इत्यादि को अत्यधिक दोहन करने से बचाया जा सके. जिसमे वह भविष्य के लिये भी उपयोगी बना रहे. इस दौरान उन्होंने प्रकृतिक जल श्रोत के संरक्षण हेतु विभिन्न उपाय बताये।सांसद प्रतिनिधि सह मुखिया राघवेन्द्र प्रसाद ने मत्स्य दिवस की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला. इस दौरान उन्होंने मत्स्य पालको से आग्रह किये कि वे अपने आस-पास गांवो में स्थित जलकरो को संरक्षित रखने की सलाह दी. केंद्र के गृह वैज्ञानिक डॉ. सीमा प्रधान ने मछली से बनने वाले आनेक प्रकार के व्यंजनों के बारे में विस्तार से जानकारी दिये. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन एसएमएस संजय कुमार ने किया.

