Home मुख्य ससुराल आये शराब कारोबार के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार। Voice of Darbhanga
मुख्य - November 26, 2017

ससुराल आये शराब कारोबार के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: बहादुरपुर थान क्षेत्र के देकुली गांव निवासी जीवन झा के घर पुलिस ने रविवार को छापेमारी कर एक बड़े शराब कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया। दरभंगा सहित मधुबनी जिले के कई थानों में उसके खिलाफ मामला दर्ज है। काफी मशक्कत बाद पुलिस उसे दबोचने में कामयाव हुई है। गिरफ्त में आए गोविंद ठाकुर शनिवार को अपने ससुराल देकुली आया था। इसकी भनक लगते ही पुलिस ने छापेमारी कर उसे पकड़ लिया। गोविंद केवटी थाना क्षेत्र के लदारी गांव निवासी उदित ठाकुर का पुत्र है। वह दिल्ली में रहकर शराब तस्करी का काम करता है। यही कारण था कि वह अपने घर की जगह ससुराल में ही परिवार के लोगों से मुलाकात कर वापस दिल्ली चला जाता था। प्रभारी एसएसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि गोविंद दरभंगा समेत मधुबनी जिला में अपने नेटवर्क के माध्यम से शराब उपलब्ध कराता था। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल को बहादुरपुर थाना में शराब से लदी एक पिकअप वैन को जब्त किया गया था । इस मामले में गो¨वद के खिलाफ कांड संख्या 110/17 दर्ज है। वहीं कमतौल थाना में 20 कार्टन शराब बरामद मामले में उसके खिलाफ कांड संख्या 59/17 दर्ज है। वह कहेड़ा थाना कांड संख्या 335/16 का नामजद अभियुक्त है। मधुबनी जिले के भैरवास्थान थाना क्षेत्र में 220 कार्टन शराब बरामदगी मामले में भी इसका नाम मुख्य तस्कर के रूप में आया। इसके खिलाफ कांड संख्या 21/17 दर्ज है। कई मामला दर्ज होने के बाद भी यह आज तक पुलिस गिरफ्त में नहीं आया। प्रभारी एसएसपी श्री अहमद ने बताया कि इसका नेटवर्क काफी मजबूत है। दिल्ली से पटना आने के लिए हमेशा हवाई यात्रा करता था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में गोविंद अपने गांव से दिल्ली गया। जहां फाइनेंसियल व कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता था। लेकिन, बिहार में शराब बंदी होते ही यह अपना धंधा बदल कर शराब करोबार से जुड़ गया। एक वर्ष में यह कभी पलट कर नहीं देखा। स्थानीय कारोबारियों से ऑडर लेकर रुपेय के साथ वापस हो जाता था। इसके बाद उसके ठीकाना पर शराब पहुंचा दिया जाता था। हालांकि, इस दौरान पुलिस ने गोविंद के कई आदमी को माल के साथ गिरफ्तार किया। लेकिन, गोविंद का अता-पता नहीं चल पा रहा था। शराब कहां से और कौन भेजने वाला इस संबंध में किसी पे पास कोई जानकारी नहीं रहता था। इस बीच पुलिस ने गिरोह के एक ऐसे सदस्य को गिरफ्तार किया जिसके मोबाइल पर गो¨वद ने फोन किया था। इाके बाद पुलिस ने जब उस नंबर को ट्रेस किया तो वह नंबर दिल्ली का निकला । तब से पुलिस उसे दबोचने में लगी थी।

Share

Leave a Reply