
डीआईजी की समीक्षा में 60 में से 55 कांडों में अनुसंधानक की लापरवाही उजागर। Voice of Darbhanga

दरभंगा : पुलिस उपमहानिरीक्षक विनोद कुमार ने दरभंगा जिले के चिंहित 60 मामलों की आज समीक्षा की. समीक्षा के क्रम में उन्होंने पाया कि 55 मामले में अनुसंधानक की लापरवाही उजागर हुई है. यहां तक कि अनुसंधानक कांडों में महज एक-दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर कांडों को ठंढे बस्ते में डाल दिया है. जबकि ऐसे मामलों में न्यायालय से कुर्की जप्ति आदेश प्राप्त कर कारवाई करनी थी. पुलिस उपमहानिरीक्षक ने यहां बताया कि ऐसे अनुसंधानकों को 10 दिसम्बर तक का समय सीमा दिया गया है कि सभी कांडों का निष्पादन इस अवधि में कर लें, अन्यथा कारवाई होगी. शराब को लेकर चल रहे अनुसंधान कार्य में भी उन्होंने लापरवाही पायी है. खासकर 500 से 2000 हजार लीटर की बरामदगी मामले में जिनका पर्यवेक्षण डीआईजी को स्वयं करना है. डीआईजी ने अनुसंधानक को निर्देश दिया है कि बरामद शराब जिस राज्य से निर्मित है और शराब लाने में जिस वाहन का उपयोग हुआ था. वहां जाकर उसे सत्यापन करें. सनद रहे कि इसमे अधिकांश मामले हरियाणा और पंजाब से जुडेÞ हुए हैं. हत्या, डकैती, दहेज जैसे गंभीर मामलों में अनुसंधानक की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित जिला पुलिस से सम्पर्क कर व उनसे सहयोग लेकर कांडों का निष्पादन करने का आदेश दिया है. सनद रहे कि दूसरे जिलों के अभियुक्त होने की आड़ में मामला लंबित चला आ रहा है. समीक्षा बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक दिलनवाज अहमद सहित सभी कांडों के अनुसंधानक मौजूद थे.

