
दो दशकों बाद जगी रैयाम चीनी मिल के चालू होने की आस। Voice of Darbhanga

दरभंगा: मिथिलांचल में चीनी मिल पुनः शुरू होने की आस जगी है। बुधवार को श्री तिरहुत इंडस्ट्रीज ने रैयाम चीनी मिल को फिर से चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कम्पनी के एमडी प्रदीप चौधरी एवं फैक्ट्री लगाने का ठेका लेने वाली पूना की कम्पनी हाईटेक इंजियरिंग कॉर्पोरेशन के सीएमडी संजय औटी ने करीब दो बजे पहुँच कर चीनी मिल का मुआयना किया। तत्पश्चात नारियल फोड़ कर फैक्ट्री निर्माण कार्य का शुरुआत भी किया।
श्री औटी ने बताया कि सबकुछ सही रहा तो जनवरी 2018 के प्रथम सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। कम्पनी 500 टीसीबी की क्षमता वाले चीनी मिल से 28 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा। साथ ही साथ 60 केएलपी इथेनॉल बनाने की फैक्ट्री भी लगाई जाएगी। एमडी श्री चौधरी ने बताया कि फैक्ट्री निर्माण की सारी सरकारी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है। दिसम्बर 2018 फैक्ट्री चालू हो जाने की उम्मीद है।
ज्ञात हो कि देश विदेश में उत्तम किस्म के चीनी उत्पादन केलिए मशहूर यह चीनी मिल 1995 में पूर्णतः बन्द हो गयी थी। बताया जाता है कि पुराने मॉडल की जर्जर मशीनों के कारण उत्पादन क्षमता कम हो गयी थी और इसे बन्द करना पड़ा था। रैयाम चीनी मिल की स्थापना 1914 में हुई थी। 1973 में राज्य सरकार ने इसका अधिग्रहण किया था। मिल बन्द होने के बाद 2010 में तत्कालीन एनडीए की सरकार ने इसे चालू करने की कवायद शुरू की थी। तत्कालीन ओएस गणपति मिश्र ने 15 अप्रैल 2010 को मिल का दौरा किया था और मिल की चाबी कम्पनी को सौंपी थी। तब कम्पनी के एमडी ने 2011 में चीनी मिल चालू करने की घोषणा की थी।

