
डीएसपी की नजरों में खटका गाड़ी की बनावट और मॉडल और पकड़ा गया बड़ा फर्जीवाड़ा Voice of Darbhanga

दरभंगा: प्रभारी एसएसपी दिलनवाज अहमद की पारखी नजरों ने एक बड़े गाड़ी चोरी कर फर्जी ढंग से बेचे जाने के मामले का पर्दाफाश कर दिया। हाल ही मे एकदिन एक थाने पर बैठे रहने के दौरान काला शीशा लगे बोलेरो पर श्री अहमद की नजर पड़ी। गाड़ी पर लिखे मॉडल से गाड़ी की बनावट मैच नही कर रही थी। इसपर प्रभारी एसएसपी श्री अहमद ने उस गाड़ी की जाँच करवायी। प्रथम दृष्टया गाड़ी के कागजात उनके पुलिस पदाधिकारी ने देखकर उसे सामान्य कह दिया। पर श्री अहमद के मन में शंका थी ही। उन्होंने उस बोलेरो का बोनट खोलवाकर चेसिस नम्बर चेक किया। चेसिस में कुछ शंका हुई। उन्होंने उसे खुरचवाया तो पता चला कि चेसिस नम्बर के ऊपर नया चेसिस नम्बर प्रिंट किया गया था। पूछताछ एवं छानबीन में पता चला कि समस्तीपुर जिले के मथुरापुर ओपी क्षेत्र के सारागाँव स्थित विशाल मोटर गैरेज में चोरी की गाड़ियों को डेंट पेंट करके लेथ मशीन के माध्यम से पुराना चेसिस नम्बर ढक कर उसपर नया नम्बर पंच किया जाता है। चेसिस नम्बर उन गाड़िया का पंच किया जाता था जो किसी पुरानी बेकाम गाड़ियों के नम्बर होते थे। उनके कागजात मौजूद होते ही थे और उन्ही कागजात पर गाड़ी आसानी से पुलिस के आँखों में धूल झोंक देती थी। फाइनेंस कंपियों के द्वारा जब्त किए गये गाड़ियों के पेपर का वाहन स्वामी के पास होता ही था। उन कागजातों पर अंकित कागजातों के अनुसार चेसिस नम्बर पंच करके पंजाब आदि में बेचने का काम भी किया जाता था। साथ ही कम्पनी को पुराना ट्रैक्टर देकर नया ट्रैक्टर लेने में डेढ़ लाख तक की छूट भी मिलती थी। चोरी के गाड़ी पर कागजात के अनुसार नया चेसिस नम्बर प्रिंट करके कम्पनी को देकर फाइनेंस पर लेकर डेढ़ लाख की बचत के साथ पूरा ऑरिजिनल गाड़ी और कागजात भी मिल जाता था। इस पूरे प्रक्रिया में कुछ फाइनेंस कम्पनियों के एजेंटों की संलिप्तता की संभावना से इंकार नही किया जा सकता है।
सूचना पर पुलिस ने उक्त गैरेज में छापा मारा। वहां एक ट्रैक्टर मिला जिसे सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के कलिगांव गांव में दो नवंबर की रात अज्ञात चोरों ने दरवाजे से खड़ी ट्रेक्टर से कलटीवेटर खोल कर ट्रेक्टर गायब कर दिया था। इस मामले में गाड़ी मालिक ने सिंहवाड़ा थाने में एफआइआर दर्ज कराया था। इस छापेमारी में वहां लगीं दो बोलेरो व एक ट्रेक्टर पुलिस ने बरामद किया। इस मामले को लेकर गैरेज मालिक विशाल दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गैरेज मालिक मुफिस्ल थाना क्षेत्र के अटेरन गांव निवासी अशोक दास का पुत्र बताया गया है।सदर डीएसपी दिलनवाज अहमद ने बताया कि पुलिस को दिए गए बयान में चोरों ने बताया कि ये उक्त ट्रेक्टर सिंहवाड़ा थाना के राजो गांव निवासी संतोष कुमार यादव ने उन्हें लाकर दिया था। वहां से चोरी की गाड़ी को चेचिस पर फर्जी कागजात पर दिए गए नंबरो के आधार पर गाड़ी नः अंकित किया जाता है। विशाल गैरेज का मालिक अपने सहयोगी अजय शर्मा द्वारा अक्सर डेंट पेंट कर उन्हें बेचने का काम करता था। अजय शर्मा लेथ मशीन पर चढ़ाकर इंजन व चेचिज का गलत नः अंकित करने का काम करता था। जिसकी एक बोलेरो की पहचान पुलिस द्वारा कर ली गई है। अन्य दो गाड़ियों की पुलिस जांच कर रहीं हैं। बता दें कि ये अपराधियों का ऐसा सरगना गिरोह है जो कि पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर गलत कागजात व डुप्लीकेट नः अंकित कर जिसे आम लोगों के हाथों बेच दिया जाता है। जिसे पकड़ने के लिए पुलिस को चुनौती का विषय बना हैं। गिरफ्तार अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। छापेमारी दल में सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष सत्य प्रकाश झा, एएसआई रंजीत कुमार, मथुरापुर ओपी पुलिस समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।

