
मिथिलांचल के चर्चित चेहरों के साथ आरक्षण में गड़बड़ी की खबर लिखने के बाद रेलवे ने जताया खेद। Voice of Darbhanga

दरभंगा: रेल गाड़ी पटरी से उतरने की खबर तो मिल ही जाती है। परंतु इनदिनों समस्तीपुर मण्डल के रेलवे का सिस्टम अपने पटरी से उतरा दिख रहा है। गुरूवार का इसका खामियाजा मिथिलांचल के चर्चित चेहरों को भी भुगतना पड़ा। 10 दिसम्बर को दिल्ली में आयोजित विद्यापति समारोह सह मणि गीत महोत्सव कार्यक्रम में भाग लेने आकाशवाणी के उदघोषक सह चुनाव आयोग के आइकन मणिकांत झा, चर्चित हास्य कवि जय प्रकाश चौधरी उर्फ़ जनक जी अपने सहयोगियों सीएम साइंस कॉलेजे के कर्मचारी प्रवीण कुमार झा एवं संतोष झा के साथ गुरूवार को निकलना था। इनलोगो ने इंटरनेट के माध्यम से 18 नवंबर को ही बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन में दरभंगा से दिल्ली तक का टिकट आरक्षित करवाया था जिसका पीएनआर संख्या 6308308312 था। बुधवार को दिन के करीब दो बजे उन्होंने स्टेट्स चेक किया तो उन्हें चारो टिकट आरएसी में दिखा तो मन में संतोष हुआ जाने की तैयारी कर लिए। परंतु रात दस बजे जब चेक किये तो चार्ट तैयार बताया और उनका टिकट आरएसी से वेटिंग में जा चुका था। उनका वेटिंग संख्या 17, 18,19 तथा 20 दिखा रहा था। आश्चर्य तब और बढ़ गया जब उनके मोबाइल पर सुबह में मैसेज आया और उस समय वेटिंग संख्या 71, 72, 73 और 74 दिखा रहा था।
उनके सहयोगी प्रवीण झा ने बताया कि रात से ही उनलोगों ने लगातार ट्वीट किया तथा डीआरएम को व्हाट्सएप किया। परंतु कोई असर नही हुआ।
इस बात की सूचना श्री झा ने अहले सुबह वॉयस ऑफ़ दरभंगा को दी। इसके बाद वॉयस ऑफ़ दरभंगा ने तुरन्त इस खबर को लगाया। खबर सोशल मीडिया में वायरल हो गयी। वायरल होते डीआरएम के प्रोटोकॉल इंस्पेक्टर पीके शर्मा ने श्री झा को फोन करके तकनीकी खामी की बात बतायी और इस कारण हुई परेशानी केलिए खेद जताया। उन्होंने बताया कि 75 सीट वाली बोगी लगनी थी। पर उपलब्ध न होने के कारण 72 सीट वाला लगा और इसी कारण समस्या उतपन्न हुई।
अंततः चारो व्यक्तियों ने जंक्शन पहुँच कर सामान्य टिकट लेकर यात्रा की।
सवाल यह उठता है कि रेलवे की इस गलती का खामियाजा आम व्यक्तियों के साथ साथ ख़ास व्यक्तियों को भी जब भुगतना पड़े तो इसका हर्जाना कौन भरेगा! अब देखने वाली बात यह भी होगी कि मामला सामने पर गलती की जिम्मेवारी तय करके जिम्मेवार पक्ष पर कोई कारवाई भी होती है या नही।

