
वॉयस ऑफ़ दरभंगा पर तस्वीर लगते ही हुई शातिर की पहचान, पुलिस ने किया गिरफ्तार। Voice of Darbhanga
दरभंगा:पुलिस अधिकारी बन कर एटीम फ्रॉड के आरोपी की तलाश दरभंगा पुलिस को थी। उसकी केवल एक तस्वीर पुलिस के हाथ लगी। बाकी कोई आता पता नही पता था। बुधवार की शाम वॉयस ऑफ़ दरभंगा ने पुलिस केलिए वांछित इस व्यक्ति की तस्वीर सहित खबर प्रकाशित की। खबर प्रकाशन के एक घण्टे के अंदर उक्त व्यक्ति की पहचान मिल गयी। एएसपी दिलनवाज अहमद ने तुरन्त सदर थाना एवं विशनपुर थाना की संयुक्त टीम तैयार कर समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर थानाक्षेत्र के अकबरपुर भेज कर आरोपी उसी गाँव के निवासी उमेश प्रसाद सिंह के पुत्र पंकज कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया और दरभंगा ले आयी।
गुरूवार को लहेरियासराय थाना पर आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए एएसपी दिलनावज अहमद ने बताया कि करीब दो महीने पूर्व गंज वाजितपुर निवासी सतीश कुमार से इसने एटीएम् से पैसे निकालते वक्त चालीस हजार की ठगी कर ली थी। पीड़ित सतीश कुमार ने बताया कि वे गंज चौक के निकट एक्सिस बैंक के एटीएम् से पैसे निकालने पहुँचे जहाँ दो व्यक्ति पहले से मौजूद थे। आरोपी बाहर खड़ा था और अंदर एक व्यक्ति स्टेटमेंट निकाल कर खड़ा था। उसने सतीश कुमार को पैसे निकालने में मदद मांगी। सतीश ने उसकी मदद कर दी। वो व्यक्ति पैसा निकाल कर चला गया। तभी बाहर खड़े पुलिस की तरह जूता और पेंट पहने आरोपी पंकज सिंह ने सतीश को घेर लिया और खुद को पुलिस वाला बताया। उसने कहा कि उसे ड्यूटी मिली है एटीएम फ्रॉड को पकड़ने की। सतीश ने दूसरे का कार्ड यूज क्यों किया। क्या उसका कार्ड असली है? अगर असली है तो आईडी प्रूफ दिखाये। सतीश डर गए और आईडी प्रूफ साथ में नही होने की बात कही। आरोपी ने सतीश के साथ आये रिक्शा वाला को आईडी कार्ड लेने सतीश के घर पर भेजा। इसी बीच उसने कहा कि थाना से साहब का फोन आ रहा है। पंडासराय थाना चलो, वहीँ तुम्हारा सत्यापन होगा। उसे ऑल्टो कार में बिठा कर पंडासराय गुमटी के पार ले गया। रास्ते में पुलिस वाले रौब में ट्रैफिक को ठीक से ड्यूटी केलिए भी बोलता गया। पंडासराय गुमती के बाद थलवारा रोड में ले जाकर सतीश को धमका कर एटीएम से निकाले चालीस हजार रूपये ले लिया और वहीँ उतार दिया।
एएसपी श्री अहमद ने बताया कि इसके अलावा दोनार एवं दिल्ली मोड़ आदि जगह से पुलिस का रौब दिखाकर दरभंगा में ठगी का काम कर चुका है। जिले के कई थानों में मोबाइल चोरी एवं ठगी के केस इसपर दर्ज है। राज्य के कई अन्य जिलों में भी विभिन्न मामलों में जेल जा चुका है। आरोपी ने भी स्वीकार किया कि 1990 में इंटर पास करने के बाद वह गलत धंधे में आ गया और अपना आपराधिक कैरियर पॉकेटमारी से शुरू क़िया। कई सालों तक पॉकेटमारी की। फिर मोबाइल चोरी और चोरी का मोबाइल खरीदने बेचने के धंधे में आ गया। बीच में कुछ दिन जमीन खरीदने बेचने का काम किया। समस्तीपुर रेल जंक्शन से साढ़े आठ लाख की चोरी का भी आरोप था जो उसके घर से पुलिस ने बरामद भी किया था। समस्तीपुर के आदर्श नगर में उसे एक गुरुजी से मुलाक़ात हुई। उस गुरूजी ने उसे चोरी पॉकेटमारी से बढ़िया और आसान काम एटीएम हेराफेरी का बताया। उन्होंने ही आरोपी को एटीएम हेराफेरी सिखाया। इसके बाद लगातार वह इस धंधे में आगे बढ़ता गया।
श्री अहमद ने बताया कि इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भी तलाश की जा रही है तथा अन्य मामलो में भी संलिप्तता की जाँच की जा रही है।

