
समीर झा का संजय झा को छोड़ सुनील चौधरी के साथ आना गोपालजी केलिए भी खतरे की घण्टी! Voice of Darbhanga
दरभंगा। अभिषेक कुमार
करीब पाँच वर्षो के साथ को छोड़ कर संजय झा फ्रेंड्स क्लब के संचालक समीर झा का शुक्रवार को जदयू के बेनीपुर विधायक सुनील चौधरी के साथ आना जदयू राष्ट्रीय महासचिव संजय झा केलिए दरभंगा में एक बड़ा झटका माना जा रहा है। भले ही दोनों एक ही पार्टी के प्रतिनिधि हो, पर दोनों के बीच अंदरूनी तौर पर छत्तीस का आंकड़ा माना माना किसी से छिपा नही है। लोकसभा चुनाव से दो वर्ष पूर्व से ही संजय झा के साथ विपरीत परिस्थितियों में भी समीर झा लगे हुए थे। इस दौरान अकेले दम पर संजय झा के साथ रहकर उनकी पहचान हर कोने कोने तक पहुंचाने के साथ साथ उन्होंने संजय झा फ्रेंड्स क्लब की स्थापना की और जोर शोर से प्रचार प्रसार शुरू किया। लोकसभा चुनाव में पुरे तन्मयता से समीर झा लगे हुए थे। पर शुक्रवार को कयासों के बारे में जब समीर झा से बात की गयी तो उन्होंने सुनील चौधरी के साथ आने और अपनी आस्था होने की बात स्वीकारी, पर संजय झा के विरोध में कोई टिपण्णी करने से बचते नजर आये। हलाँकि संजय झा फ्रेंड्स क्लब छोड़ने की बात उन्होंने स्वीकार किया। साथ ही साथ सुनील चौधरी को कार्यकर्ताओं का उचित सम्मान करने वाला नेता भी बताया। उनके साथ पहुँचे सुनील चौधरी के निजी सलाहकार सुधांशु कुमार, जदयू नेता सह बेनीपुर उप प्रमुख प्रेम झा, जदयू किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सत्यनारायण झा, बेनीपुर जदयू प्रखंड अध्यक्ष आदि सुनील चौधरी के करीबी माने जाने वाले नेताओं ने भी समीर झा इस कदम का स्वागत किया। सबने एकसुर में दरभंगा जिला में एकमात्र विकास पुरुष जदयू विधायक सुनील चौधरी को बताया।
समीर झा के इस कदम से बेनीपुर के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गोपालजी ठाकुर केलिए भी कहीं न कहीं मुसीबत बढ़ती नजर आ रही है। जदयू भाजपा के अलग होकर चुनाव लड़ने में गोपालजी ठाकुर की हार हो गयी थी और जदयू से सुनील चौधरी जीत कर विधायक बने थे। पर पुनः गठबन्धन हो जाने के बाद जदयू के सिटिंग विधायक होने के कारण वैसे भी गोपालजी ठाकुर की दावेदारी कमजोर पड़ रही थी, ऊपर से सुनील चौधरी का खेमा अब कहीं न कहीं और मजबूत ही होगा। इसका सबसे बड़ा कारण पार्टी के कुछ नेताओं ने गोपालजी ठाकुर का अंदरूनी विरोध का होने के साथ साथ गोपालजी के कई विश्वासपात्रों का समीर झा से बेहतर सम्बन्ध भी होना है। एक तो गठबन्धन की मजबूरी के कारण बेनीपुर में कोई भाजपा कार्यकर्ता अंदरूनी असहमति होते हुए भी विरोध नही करेंगे, ऊपर से समीर झा द्वारा सुनील चौधरी को प्रमोट करते ही निश्चित रूप से सुनील चौधरी के प्रति क्षेत्र में रुझान बढ़ने की संभावना है। बेनीपुर में भाजपा नेता अवधेश झा भी युवाओं के बीच अच्छी पकड़ रखते हैं और वे भी समीर झा के करीबी तथा गोपालजी ठाकुर से थोड़े से रुष्ट माने जाते हैं। इन्ही कारणों को लेकर समीर झा का संजय झा से टूटकर सुनील चौधरी से जुड़ना कहीं न कहीं गोपालजी ठाकुर केलिए बड़े राजनितिक खतरे के रूप में देखा जा रहा है।

