Home मुख्य मिथिलांचल के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नही: मुख्यमंत्री। Voice of Darbhanga
मुख्य - December 16, 2017

मिथिलांचल के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नही: मुख्यमंत्री। Voice of Darbhanga

दरभंगा: मिथिलांचल के बिना बिहार का विकास संभव नहीं है। कृषि रोड मैप के जरिए हमारी कोशिश है कि यहां का व्यंजन भारतवर्ष में हर लोगों की थाली में एक व्यंजन दिखे। क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार प्रतिबंध है। इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ये बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास समीक्षा यात्रा के दौरान बिरोल के शिव नगर घाट स्थित उच्च विद्यालय परिसर में शनिवार को आयोजित जनसभा में कहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी को सूबे में लागू कर हमने एक मिसाल देश और दुनिया के सामने पेश की है। अब वक्त आ गया है कि हम सामाजिक कुरीतियों पर भी उसी तरह से प्रहार करें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह व दहेज प्रथा दोनों समाज की कोढ़ है। इन्हें समाप्त करने के लिए प्रत्येक लोगों को संकल्प लेना होगा। इसके साथ ही उन्होंने लोगों को इन दोनों कुरीतियों से लड़ने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले में 341 करोड़ की राशि की 102 योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने दरभंगा के कमलपुर गांव की महादलित बस्ती का भ्रमण भी किया और हर घर नल का जल योजना के तहत पानी टँकी का उदघाटन किया. उन्होंने बस्ती में घूम-घूम कर विकास योजनाओं का जायजा लिया और जरूरत महसूस हुई, वहां अधिकारियों को सलाह भी दिया. शनिवार को यात्रा के क्रम में सीएम सबसे पहले दरभंगा जिला मुख्यालय पहुंचे. मौसम खराब होने की वजह से वह सड़क मार्ग से बिरौल पहुंचे. मुख्यमंत्री को शिवनगर घाट उच्च विद्यालय परिसर में उनके सभा स्‍थल पर बिहार के नक्शे की रंगोली लोगों को आकर्षित करती दिखी.

मुख्यमंत्री ने कहा था कि हर घर में पीने का स्वच्छ जल और हर घर के लिए शौचालय का निर्माण हो रहा है.  हर घर तक पक्की गली और नाली का निर्माण एवं बिजली उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बिहार में पंचायत चुनाव में महिलाओं को मिले 50 फीसदी आरक्षण की भी चर्चा की थी. सीएम ने लोगों को जनवरी में आयोजित मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए शपथ दिलवाया और कहा कि अगले वर्ष तक हर घर को बिजली मुहैया करा दी जायेगी. इससे पूर्व सीतामढ़ी में गुरुवार को मुख्यमंत्री ने कहा था कि सामाजिक कुरीतियों को दूर किये बिना विकास का लाभ नही मिलेगा. पूर्ण शराबबंदी के बाद पैसा परिवार कल्याण पर खर्च हो रहा है.

सीएम ने कहा था कि शराबबंदी, बाल विवाह और जाति प्रथा के खिलाफ अभियान चलाकर हमने बिहार में सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद रख दी है.इससे सख्ती से लागू करने के साथ साथ आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि सड़कें, पुल-पुलिया बनते रहेंगे, बिजली भी मिलेगी, लेकिन, जब तक कुरीति दूर नहीं होगी तब तक विकास का लाभ नहीं मिलेगा. सरकार अब सामाजिक समस्याओं को दूर करने को संकल्पित है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में धान की खरीद अब 19 फीसदी नमी पर होगी. उन्होंने केंद्र सरकार को 17 से 19 फीसदी तक नमी वाले धान स्वीकार करने का सुझाव दिया. इस सुझाव पर अब केंद्र की मुहर लग गई है. इसलिए किसानों से धान की खरीद अब 19 फीसदी तक नमी रहने पर की जाएगी.

Share

Leave a Reply