
बाल-विवाह व दहेज प्रथा के विरूद्ध 21 जनवरी को बनेगी मानव श्रृंखला: मुख्यमंत्री। Voice of Darbhanga

दरभंगा: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज बिरौल की धरती से दहेज प्रथा के विरूद्ध व्यापक जनआंदोलन चलाने का आह्वान किया और कहा कि 21 जनवरी को विशाल राज्यस्तरीय मानव श्रृंखला में बड़ी संख्या में लोग भाग लें. उन्होंने कहा कि 2017 के 21 जनवरी को शराबबंदी के लिए मानव श्रृंखला बना था, जो मुख्य सड़कों पर था, लेकिन इस बार मानव श्रृंखला बाल-विवाह और दहेज प्रथा के विरूद्ध है और इस बार का श्रृंखला पंचायत से प्रखंड-जिला और राज्य मुख्यालय तक बनेगी. दहेज प्रथा की बुराईयों का उन्होंने ब्योबार जिक्र किया और कहा कि यह समाजिक सुधार का बहुत बड़ा कदम है और इसका असर भी होने लगा है. मुख्यमंत्री ने सभा में स्पष्ट किया कि दहेज लेने वाले शादी में वे भाग नहीं लेंगे, साथ ही कार्ड पर भी दहेज नहीं लेने की बात छपी होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों में जागृति आयी है जिसका परिणाम है कि बेनीपुर अनुमंडल के रमौली गांव निवासी 14 वर्ष की रिंकी कुमारी ने अपनी प्रस्तावित शादी को बंधन तोड़ के मोबाइल एप की सहायता से डीजीपी को जानकारी देकर रूकवायी. आज मुख्यमंत्री ने मंच पर रिंकी कुमारी की बहादुरी को लेकर मंच पर प्रशस्ती पत्र दिया और उसे समाज के नव उत्थान का प्रतीक बताया. साथ ही मंच पर ही मुख्यमंत्री बिना दहेज के शादी करने वाले युगल अमित कुमार और जूही जयसवाल को सम्मानित किया. सभा में उपस्थित जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वप्रथम उन्होंने विकास यात्रा में खेतों में टेन्ट लगाकर अधिकारियों और मंत्रियों के साथ गांव में रूके थे और लोगों से उनकी समस्या की जानकारी ली और इस बार मैने फैसला किया कि विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा में उन्हीं गांव का जायजा लें, जहां वे वर्ष 2009 में गये थे और अब जब वहां जा रहे हैं तो स्थिति में काफी बदलाव आ गया है और अब हम महसूस किये हैं कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि पहले बड़े-बड़े पुल और सड़क निर्माण का कार्य हुआ. लक्ष्य छ: घंटे में पटना पहुंचने का था और इसे अब 5 घंटा में कर दिया है. बड़े काम तो चलते रहेंगे, लेकिन हर घर नल का जल, हर घर पक्की गली-नाली और शौचालय का निर्माण हो. ताकि 90 प्रतिशत बीमारी इसी से दूर हो जाए.

