
जिला परिषद की बैठक में सवालो के बौछार से उड़े अधिकारियों के होश। Voice of Darbhanga

दरभंगा: बुधवार को जिला परिषद की बैठक हंगामेदार रही। सदस्यों के सवालों से परेशान पदाधिकारियों को जवाब तक नहीं देते बन रहा था। कई बैठकों से चली आ रही खानापूर्ति की प्रक्रिया के विपरीत बुधवार को सभी सदस्य अपने सवालों का केवल जवाब ही नहीं बल्कि कारवाई भी सुनिश्चित करने का मूड बना कर आए थे। यही कारण था कि गीता देवी की अध्यक्षता में संक्षिप्त परिचय सत्र के बाद मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी कारी प्रसाद महतो ने बैठक की कार्यवाही आरंभ कर दी। सदन की कार्यवाही में सर्वप्रथम बाल विकास परियोजना डीपीओ रमेश कुमार चौधरी को उपाध्यक्ष ललित झा के सवालों ने असहज किया। उपाध्यक्ष ने डीपीओ से जानना चाहा कि विगत दिनों आप के कार्यालय में जिन शिकायतों के लिए आवेदन दिया गया था उसका क्या हुआ। उपाध्यक्ष के प्रश्नों को जैसे ही प्रभारी डीपीओ ने टालना चाहा पूरा सदन जोरदार अंदाज में इसका विरोध किया। फिर क्या था सभी सदस्यों ने अपने अपने क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों से उगाही का आरोप मढ़ दिया। इससे अभी श्री चौधरी संभले भी नहीं थे कि उपाध्यक्ष ने आईसीडीएस कार्यालय में र्किमयों द्वारा अध्यक्ष के अनादर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है उसकी जानकारी मांग ली। सदन के बिगड़ते मूड को देखकर कारी प्रसाद महतो ने हस्तक्षेप किया और 15 दिनों में रिपोर्ट जमा करने का प्रस्ताव पारित कर दिया।
बैठक में भोला सहनी अल्लपट्टी स्थित मछली मंडी की दुकानों का मामला उठाते हुए कहा कि मंडी में 20 दुकानें एवं 16 सीट बनाए गए हैं।जबकि किराए के लिए 51 आवेदन प्राप्त हुए हैं । जिस पर सदस्यों ने अलग अलग प्रतिक्रिया व्यक्त की राम कुमार झा बबलू, माधव झा, रघुवीर पासवान ने कहा कि पहले अवैध कब्जा धारियों से दुकाने खाली करवाई जाएं । फिर आवंटन की प्रक्रिया अपनाई जाए। जमाल अजहर रूमी, अबुल खैर, रामकुमार यादव, गौरी देवी, गीता देवी आदि सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि उन्हीं लोगों को दुकानें देनी है तो जब से दुकाने बनी हैं तब से आज तक का किराया वसूला किया जाए। गतिरोध बढ़ते देखकर अध्यक्ष ने अगली बैठक तक के लिए मामले को टाल दिया। जिला परिषद र्किमयों के वेतन एवं पेंशन आदि भुगतान के लिए आवंटित राशि के लिए भी अलग समिति बनाकर मामले का निष्पादन करने की जिम्मेदारी दे दी गई। कार्रवाई आगे बढ़ते ही शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को सदस्यों ने उठाई । डीईओ की अनुपस्थिति ने सदस्यों को और आक्रोशित कर दिया अध्यक्ष उपाध्यक्ष समीउल्लाह माधव झा आदि सदस्यों ने डीईओ की अनुपस्थिति पर ¨नदा प्रस्ताव पारित करने का प्रस्ताव रखा। जिस पर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने सर्व शिक्षा डीपीओ प्रमोद कुमार साहू से डीईओ के नहीं आने की वजह जाननी चाही। डीपीओ ने उन्हें सरकारी कार्य से पटना जाने की जानकारी दी। फिर थोड़ा सदस्यों का मूड शांत हुआ।
उपाध्यक्षा ललिता झा ने रानीपुर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की दुर्दशा का कारण जानना चाहा है। इस पर डीपीओ प्रमोद कुमार साहू ने सवालों का बारी-बारी से संतोषप्रद जवाब दिया । शिक्षा से जुड़े सवालों को लेकर सदस्यों ने मांग की कि हम लोगों के निरीक्षण के क्रम में अनियमितता पाए जाने पर आप कार्रवाई कैसे सुनिश्चित करेंगे। इस पर डीपीओ ने कहा कि आप अपनी बातें शिकायत पुस्तिका में दर्ज करा दें तो कार्रवाई अवश्य होगी। बैठक में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने बाढ़ राहत से अब तक वंचित क्षेत्रों की समस्या भी उठाई। फसल क्षति मुआवजा का भुगतान अब तक नहीं करने पर भी सदन में कई बार शोर गूंजा। मुख्यमंत्री के आगमन पर वृद्धा पेंशन योजना से वंचित लोगों एवं राशन कार्ड के घोर अभाव की भी चर्चा की गई। अन्य मुद्दों पर प्रारूप में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने का प्रस्ताव साधना भारती ने रखा। हायाघाट की फरहाना खातून ने विद्युत, जन वितरण प्रणाली, पेंशन योजना से संबंधित सवालों का जवाब मांगा। गौरी देवी ने प्रेम जीवन में संचालित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय जानेवाली सड़क की समस्या को अविलंब दूर कराने की मांग की।
बैठक की महत्ता को इसी से समझा जा सकता है कि 9 प्रखंड के प्रमुखों ने भी बैठक में भाग लिया था। अंत में गीता देवी ने सभी विभागों से आए पदाधिकारियों को कहा कि अगली कार्रवाई में पूरी तैयारी करके ही आया करें और यदि बैठक में भाग लेना हो तो इसकी सूचना पूर्व में ही दे दिया करें।

