Home मुख्य देश ही नही, विदेशों में भी कद्र होती है मिथिला के कला और संस्कृति की: मंत्री। Voice of Darbhanga
मुख्य - December 29, 2017

देश ही नही, विदेशों में भी कद्र होती है मिथिला के कला और संस्कृति की: मंत्री। Voice of Darbhanga

दरभंगा: प्रदेश के पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार ने कहा है कि मिथिला की कला और संस्कृति की देश ही नहीं विदेशों में भी कद्र होती है। वे शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में मिथिला लोक उत्सव के दो दिवसीय समारोह का उद्घाटन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं हाल में ही इंगलैंड गया था। वहां सैकड़ों लोगों से वार्ता हुई थी। सभी ने मिथिला पेंटिंग की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों में मिथिला पेंटिंग के कद्रदान हैं।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार के पास धन राशि की कोई कमी नहीं है। मिथिला के धरोहर को संरक्षित करने के अलावा यहां की कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि दरभंगा के ऐतिहासिक दिग्घी, हराही और गंगासागर तालाबों को मिलाकर उनके सौंदर्यीकरण की योजना को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दे दी है। इन तालाबों का सौंदर्यीकरण 90 करोड़ की राशि से किया जाएगा। सौंदर्यीकरण का काम पूरा होने के बाद दरभंगा शहर सैलानियों के लिए आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में उभरकर सामने आएगा।

श्री कुमार ने मुख्यमंत्री के सात निश्चय पूरा करने के लिए सभी का सहयोग मांगा। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ लोगों को आवाज बुलंद करने को कहा। इस मौके पर हायाघाट विधायक अमरनाथ गामी ने कहा कि दरभंगा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। सरकार इसे विकसित करने की दिशा में प्रयत्नशील है। दिल्ली के लाल किले को पूरे विश्व में जाना जाता है। पर दरभंगा के ऐतिहासिक राजकिला बिहार में भी लोग नही जानते हैं। इसके संरक्षण एवं संवर्धन की जरूरत है। स्वागत डीएम डॉ.चंद्रशेखर सिंह ने किया। मंच संचालन कमलाकांत झा ने किया। इस मौके पर एसएसपी सत्यवीर सिंह, मेयर बैजंती देवी खेड़िया, जिला परिषद अध्यक्ष गीता देवी, नगर विधायक आदि भी मंचासीन थी।

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