
महापुरुषों का स्मरण करने से होता है व्यक्तित्व का विकास: कुलपति। Voice of Darbhanga

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के विकास में विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ललित बाबू का विकास का मॉडल समय की आवश्यकता है। वे ललित बाबू के पुण्य तिथि पर महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह मेमोरियल चेयर की ओर सें बुधवार को आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के निर्माण में ललित बाबू की महत्वपूर्ण भूमिका थी। किसी भी क्षेत्र का सही मायने में तब तक विकास नहीं होता है जब तक उस क्षेत्र में विश्वविद्यालय न हो। उसी को सोच कर ललित बाबू ने मिथिला विश्वविद्यालय की स्थापना की थी। उन्होंने जिस सोच से इसकी स्थापना करवायी थी उस सपना को जमीनी हकीकत में लाने में शिक्षक, छात्र व कर्मचारी को अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महापुरूषों को बराबर याद करनी चाहिए। महापुरूषों के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करने से भावी पीढ़ी का व्यक्तित्व का विकास होता है। जिस तरह से ललित बाबू दृढ़ प्रतिज्ञ थे उसी तरह से नयी पीढ़ी को भी दृढ़ प्रतिज्ञ होना चाहिए। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ होना जरूरी है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काफी मेहनत करें। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता राजनीतिषास्त्र के प्राध्यापक प्रो. जितेन्द्र नारायण ने कहा कि भूमंडलीकरण के दौर में आतंकवाद का असर काफी बढ़ गया है। जिस पर नियंत्रण विकास के माध्यम से ही हो सकता है। ललित बाबू दूरदृष्टि वाले व्यक्ति थे। वे विकास के हिमायती थे। वे राजनीति की धारा में नहीं रहते थे। बल्कि, राजनीति को एक नयी दिशा देते थे। वे राजनीति को विकास का पर्याय बनाने का प्रयास किया था। आज देश की राजनीति उसी पर चल रही है। डन्होंने कहा कि देश असंतुलित विकास के दौर से गुजर रहा है। इसे पाटने के लिए ललित बाबू ने काफी प्रयास किया था। वे क्षेत्रों के असंतुलित विकास के विरोधी थे। उनका मानना था कि जब तक हर क्षेत्र का विकास नहीं होगा देश का चतुर्दिक विकास नहीं होगा। आतंकवाद को पनपने में असंतुलित विकास एक महत्वपूर्ण कारण होती है। आतंकवाद पर नियंत्रण पाने के लिए संतुलित विकास की पहल होनी चाहिए। सिंडिकेट सदस्य डॉ. वैद्यनाथ चैधरी बैजू ने कहा कि ललित बाबू ने देश और मिथिला के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ललित बाबू के सपना को जमीनी हकीकत दे रहे हैं। सीसीडीसी डॉ. मुनेश्वर यादव ने कहा कि ललित बाबू ने अपने कार्य से राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। अतिथि का स्वागत करते हुए महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह मेमोरियल चेयर के निदेषक प्रो. विनोद कुमार चैधरी ने कहा कि जिस तरह से ललित बाबू ने बिहार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उसी तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बिहार तथा मिथिला का विकास कर रहे हैं। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. गोपी रमण सिंह ने किया। संचालन डॉ. विद्यानाथ झा ने किया। इससे पहले ललित बाबू सहित परिसर स्थित विभिन्न महापूरूषों की प्रतिभा पर माल्यार्पण किया गया।

