
रामबाग परिसर सहित तमाम धरोहरों एवं जलाशयों का हर हाल में होगा संरक्षण: गामी। Voice of Darbhanga

दरभंगा: दरभंगा राजकिला के अंदर रामबाग परिसर में कंकाली मंदिर के पश्चिम उत्तर गरखई नहर को भूमाफियाओं द्वारा लगातार भर कर बेचने का काम जारी है। इसे लेकर स्थानीय लोगों द्वारा रामबाग परिसर संरक्षण एवं संवर्धन ट्रस्ट बना कर कई स्तर पर आवेदन आदि दिए गए, पर रसूख और गुंडई के बल पर भूमाफियाओं द्वारा कार्य जारी रहा। ट्रस्ट के लोगो द्वारा वॉयस ऑफ़ दरभंगा से संपर्क किया गया और फिर वॉयस ऑफ़ दरभंगा के मुहीम से प्रशासनिक संज्ञान द्वारा तत्कल मिट्टी भराई पर रोक लगी। परंतु स्थिति यथावत बनी रही और शिकायतकर्ताओं को विभिन्न माध्यमो से परेशान करना शुरू कर दिया गया तथा चोरी छिपे कुछ कुछ कार्य दुबारा शुरू कर दिया गया।
अंत में हर तरफ से थक हार कर ट्रस्ट के सचिव हरेकान्त चौधरी तथा गौरी शंकर राय ने गुरुवार को बिहार विधानसभा प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी से उनके आवास पर मिलकर मदद की गुहार लगायी। ट्रस्ट के लोगों ने श्री गामी को सभी स्थितियों से अवगत कराते हुए कगजातों सहित आवेदन भी सौंपा।
श्री गामी ने कहा कि दरभंगा शहर तालाबों के शहर के रूप में जाना जाता था। परंतु कुछ वर्षों में भूमाफियाओं द्वारा कई पोखरों एवं जलाशयों को भरकर बेच दिया गया। दरभंगा के राजकिला के बारे में श्री गामी ने कहा कि दिल्ली के लालकिले के बाद पूरे देश में दरभंगा के राजकिला का ही स्थान है। दरभंगा का राजकिला लालकिले से बड़ा भी है। पुरातात्विक दृष्टिकोण से भी इसका महत्व ज्यादा है। श्री गामी ने ट्रस्ट के लोगो के प्रयास को सराहते हुए आश्वस्त किया कि रामबाग परिसर
सहित तमाम धरोहरों एवं जलाशयों का संरक्षण हर हाल में होगा और इसके लिए वे अपने स्तर से प्रयास में कोई कमी नही छोड़ेंगे। फिलहाल रामबाग परिसर में हो रहे जलाशयों में भराई एवं परिसर में हो रहे अवैध कब्जे के खिलाफ वे वरीय अधिकारियों को पत्र लिखेंगे और जरूरत पड़ने पर इस मुद्दे की गूँज विधानसभा में भी उठेगी।

