
होमगार्ड की हत्या के आरोप में दो को पुलिस ने किया गिरफ्तार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: केवटी थाना क्षेत्र के मझिगामा हाट के पास 14 दिसम्बर को होम गार्ड जवान कैलाश यादव की हत्या में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने गुरुवार की रात दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान केवटी थाना क्षेत्र के कयामचक निवासी रामदेव यादव के पुत्र मोहन यादव और स्व. रामदेव यादव के पुत्र धर्मेन्द्र यादव के रूप में की गई है। मृतक कैलाश यादव भी कयाम चक का रहने वाला था। वह दरभंगा प्रधान डाक घर मेंं तैनात था। साइकिल से एक अन्य होम गार्ड जवान भरत यादव के साथ गांव लौटने के दौरान बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
सदर एसडीपीओ दिलनवाज अहमद ने बताया कि कयाम चक के सुधीर यादव को होमगार्ड जवान कैलाश यादव से विवाद चल रहा था। सुधीर ने उसकी हत्या करने की धमकी भी दी थी। एसडीपीओ ने बताया कि मोहन यादव व धर्मेन्द्र यादव की गिरफ्तारी के बाद मामले में तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। पूछताछ में पता चला कि कैलाश यादव की हत्या के लिए सुधीर यादव ने सुपाड़ी देने के लिए मोहन यादव व धमेन्द्र यादव से संपर्क किया था। उसकी हत्या के लिए वह 50 हजार की सुपाड़ी देने की बात कह रहा था। इसे लेकर दोनों ने सुधीर की मुलाकात कई लोकल अपराधियों से कराई। हालांकि उनलोगों ने इससे इंकार कर दिया। इसी बीच मोहन यादव ने 15 हजार रुपये लेकर सुधीर यादव को हथियार उपलब्ध कराया था।
एसडीपीओ ने बताया कि सुधीर यादव गांव की एक शादी शुदा महिला को लेकर फरार हो गया था। वह तीन बच्चों की मां है। मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई थी जिसमें कैलाश यादव मुख्य पंच था। पंचायत में सुधीर के परिवार को 25 हजार का जुर्माना किया गया था। वहीं सुधीर का आरोप था कि कैलाश यादव ने उसके घर पर भी कब्जा जमा लिया था। एसडीपीओ ने बताया कि सुधीर यादव महिला के साथ अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त मोहन यादव व धमेन्द्र यादव का मोबाइल फोन घटनास्थल के पास एक्टिव था। घटना के बाद से दोनों का फोन बंद मिल रहा था। उन्होंने बताया कि होमगार्ड की हत्या के मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया था। उनकी संलिप्तता की जांच चल रही है।

