
तो क्या नितीश के अभियान को गठबन्धन के लोग ही दिखा रहे हैं ठेंगा! Voice of Darbhanga

दरभंगा: एक तरफ बिहार सरकार के मुखिया नितीश कुमार जहाँ दहेज़ एवं बाल विवाह के विरोध में लगातार अभियान एवं प्रचार प्रसार इसके उन्मूलन केलिए प्रतिबद्व दिख रहे हैं, वहीँ उनके गठबन्धन दल भाजपा के कार्यकर्त्ता एवं नेता शायद इस अभियान को तबज्जो देते नही दिख रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा करोड़ो खर्च कर दहेज़ एवं बाल विवाह के विरुद्ध लोगो को जागरूक करने हेतु प्रमुख स्थलों पर होर्डिंग एवं बैनर लगा कर प्रचार प्रसार किया जा रहा है तथा 21 जनवरी को इसके लिए मानव श्रृंखला भी बनायी जा रही है। वहीँ इससे ठीक दस दिन पहले शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्त्ताओं एवं नेताओं की जो गम्भीर लापरवाही सामने आयी है, वह निश्चित रूप से कहीं न कहीं इस अभियान को गम्भीरता से नही लेने का प्रमाण ही नजर आता है।
मामला बिहार सरकार के स्वास्थ मंत्री सह भाजपा नेता मंगल पांडे के दरभंगा दौरे के स्वागत बैनर को लेकर सामने आया है। जिला अतिथि गृह जाने के रास्ते में डीआरडीए के ठीक सामने होर्डिंग पर गुरुवार तक दहेज़ एवं बाल विवाह के विरुद्ध अभियान के संबंध में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा होर्डिंग लगवाया गया था। परंतु मंगल पांडे के आगमन से ठीक पहले उस होर्डिंग के ऊपर मंगल पांडे का स्वागत बैनर लगा दिया गया। इस बैनर में निवेदकों में भाजपा के जाले विधायक जिबेश कुमार के साथ भाजपा के नगर विधायक संजय सरावगी, भाजपा के एमएलसी द्वय अर्जुन सहनी एवं सुनील सिंह दिख रहे हैं।
खबर की कवरेज करने पहुँचे मीडिया प्रतिनिधियों के नजर में आने पर वहां से गुजर रहे हायाघाट के जदयू विधायक सह बिहार विधानसभा प्रश्न धयानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी को रोक कर उनके संज्ञान में देकर उसी स्थल पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी गयी। श्री गामी ने कहा कि मंगल पांडे के कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह था। इसकारण इसपर ध्यान नही गया होगा। फिर भी इसपर कार्यकर्ताओं एवं विज्ञापन एजेंसी को ध्यान रखना चाहिए था। चूँकि एकदिवसीय कार्यक्रम था, इसलिए उम्मीद है कि शायद कार्यक्रम खत्म होने के बाद इसे पुनः मूल स्वरूप में लगा दिया जाय।
इस पुरे मामले पर अमरनाथ गामी गठबन्धन धर्म की मर्यादा रखते हुए भले इसे कार्यकर्ताओं के उत्साह आदि का नाम देकर बचाव करते दिख रहे हों, परंतु सवाल यह है कि क्या मुख्यमंत्री के इस अति महत्वपूर्ण अभियान का ख्याल बैनर लगवाने वाले भाजपा के विधायकों एवं विधान पार्षदों को नही रहा! अब बैनर हट जाए या यथावत रहे, परंतु लोगों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा अनदेखी का मामला चर्चा का विषय जरूर बन गया। साथ ही यह भी देखने वाली बात होगी कि क्या सुशासन का डंका पीटने वाली नितीश सरकार के अधिकारी अपने गठबन्धन के इन नेताओं पर इस अनदेखी केलिए करवाई करने की हिम्मत भी दिखा पाते हैं या नही!

