
मंत्री के सामने मरीजों के साथ लोजपा जिलाध्यक्ष ने भी डीएमसीएच की व्यवस्था को किया नंगा। Voice of Darbhanga

दरभंगा : बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने डीएमसीएच में 100 विस्तर वाले मातृत्व एवं शिशु अस्पताल के भवन का शिलान्यास किया, जो 10 करोड़ 28 लाख की राशि से बनाया जा रहा है. शिलान्यास के बाद कुव्यवस्था के लिए कुख्यात हो चुके डीएमसीएच के कुछ विभागों का निरीक्षण कर मरीजो का हाल जाना. मंत्री ने आपातकालीन विभाग व शल्यचिकित्सा विभाग में जाकर मरीजों का हाल-चाल जाना जहां मंत्री को मरीजो व परिजनो द्वारा डीएमसीएच में हो रही अनियमितता को लेकर खड़ी-खोटी सुनाई. झंझारपुर-मधुबनी के रहने वाले राम कुमार पासवान ने बताया कि डाक्टर के बाहर की दवा लिखते हैं. यहां तक कि उल्टी की दवा भी बाजार से खरीद कर लानी पड़ती है. वहीं समस्तीपुर के अर्जुन कुमार जिसका दोनों पैर ट्रेन से कट चुका है. ईलाज के लिए एक दिन में ही 3 हजार रूपये का दवा खरीद कर लाने की बात मंत्री को बतायी. वहीं कई मरीजो ने मंत्री को भोजन तथा गंदगी को लेकर शिकायत की.
इन शिकायतों ने कुव्यवस्था की पोल खोली ही, पर यह कुव्यवस्था तब नंगा हो गया जब मरीजो के साथ साथ लोजपा के जिलाध्यक्ष गगन झा ने भी मंत्री के सामने मरीजो को 24 घण्टे में एक बार खाना मिलने, दवा बाहर से खरीदने और रात को डॉक्टरों के गायब रहने की शिकायत की. इन तमाम शिकायतों को सुनते हुए जब स्वास्थ मंत्री ने डीएमसीएच अधीक्षक संतोष मिश्रा की तरफ देखा तो सिवाय सर झुकाये खड़े रहने के और कोई रास्ता नही दिख रहा था.

