
मुहीम का असर: पहली बार रामबाग मे भूमाफियाओं को हटना पड़ा है पीछे। Voice of Darbhanga

दरभंगा: मिथिला के ऐतिहासिक धरोहर राजकिले के अंदर रामबाग परिसर में जलाशय को भरने से रोके जाने के बाद भूमाफियाओं ने परिसर के बाहर सड़क किनारे बड़ी मात्रा में मिट्टी जमा कर लिया था जिसे शनिवार देर शाम उन्होंने ट्रैक्टर और जेसीबी से हटाना शुरू किया और देर रात तक पूरी तरह हटा लिया। हलाँकि हटाते वक्त भी उनके चेहरे पर खींझ स्पष्ट दिख रहा था और स्थानीय लोगों को धमकाते भी नजर आये। उन्होंने हर हाल में जलाशय को भरने का दावा किया और कोई उन्हें रोक नही सकता, यह भी कहते नजर आये। पर जलाशय में मिट्टी गिराने की हिम्मत नही दिखा पाये। पहली बार जब स्थानीय लोग उनकी तस्वीर खींच रहे थे तो ट्रैक्टर और जेसीबी ड्राइवर तक अपने वाहन छोड़ कर भागते भी नजर आये।
ज्ञात हो कि रामबाग परिसर में अवैध निर्माण एवं जलाशयों को भरे जाने का मामला वॉयस ऑफ़ दरभंगा द्वारा लगातार उठाने के बाद प्रशासनिक संज्ञान से मिट्टी की भराई तो तत्काल रुकी। पर भूमाफियाओं ने हाइवा से सड़क किनारे मिट्टी जमा करना शुरू कर दिया ताकि मौका मिलते ही जलाशय को भर सकें। परंतु इस मामले में स्थानीय लोगों की शिकायत पर जदयू विधायक सह बिहार विधान सभा प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी द्वारा संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव के निर्देश की प्रति, राजकिले को 2010 में पुरातत्व विभाग द्वारा अधिग्रहण किये जाने संबंधी पत्र की प्रति, सदर अंचलाधिकारी द्वारा विश्विद्यालय थाना को लिखे पत्र जिसमे जलाशय को भरे जाने को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उलंघन बताते हुए रोकने का आदेश है, आदि सहित प्रमंडलीय आयुक्त को इसे रोकने एवं जांच कर भूमाफियाओं को चिन्हित कर कारवाई हेतू पत्र लिखा गया जिसकी प्रतिलिपि सबन्धित प्रधान सचिवों एवं जिलाधिकारी दरभंगा को दी गयी। पत्र लिखे जाने के बाद इस खबर को सभी अखबारों ने भी प्रमुखता से लिखा। हर तरफ दवाब का माहौल बनता देख भूमाफियाओं को उनके
राजनितिक आका से संकेत मिला कि इस दवाब के बाद स्थल जाँच हो सकती है और पकड़े जाने पर कारवाई भी। और यदि पकड़े गए और जनदवाब हुआ तो कहीं कारवाई की उंगली शहर के भूमाफियाओं के सबसे बड़े आका पर भी न उठ जाए, इसलिए जाँच पूर्व शनिवार को रातोंरात सड़क किनारे रखी मिट्टी को साक्ष्य मिटाने केलिए हटाया गया। रविवार सुबह तक सड़क किनारे रखा मिट्टी पूरी तरह हटा लेने की सूचना है।
बहरहाल, जलाशय को बचाने के अभियान में स्थानीय लोग इसे पहली जीत मान रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अब उन्हें डर नही है। वे हर हाल में रामबाग परिसर के जलाशयों के संरक्षण केलिए प्रतिबद्ध हैं।

