
कुलाधिपति के आदेश की अवहेलना कर कुलपति घोंट रहे हैं लोकतंत्र का गला: मिसु। Voice of Darbhanga
दरभंगा: चुनाव एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। लनामिविवि के कुलपति कुलाधिपति के आदेश की अवहेलना करते हुए लोकतंत्र के मानक का गला घोंट रहे हैं। ये बातें सोमवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन के आह्वान पर विश्वविद्यालय धरना स्थल पर धरनार्थियों को संबोधित करते हुए अमन सक्सेना ने कही। उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव न केवल छात्र राजनीति बल्कि समस्त भारतीय राजनीति का एक अनिवार्य अंग है । मिथिला स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्ताओं ने छात्र हित से कुलपति के समक्ष इस मुददे को रखते हुए विश्वविद्यालय में छात्र संगठन के चुनाव की मांग की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक माह में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था। समय बीतने के बाद यूनियन के सदस्यों ने सांकेतिक धरना देकर विश्वविद्यालय प्रशासन को अपने रुख से अवगत कराया है। इस अवसर पर जयप्रकाश ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर शिथिलता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के आदेश के बाद भी कुलपति छात्र संगठन के चुनाव को लेकर संवेदनहीन बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए शिक्षा एक अनिवार्य शर्त है। ऐसे में यदि उच्च शिक्षण संस्थानों में भी लोकतंत्र का
सफल संचालन नहीं हो पाएगा तो भारत में लोकतंत्र कहां सफल होगा। धरनार्थियों को विद्याभूषण रॉय, अविनाश भारद्वाज, गोपाल चौधरी, मृत्युंजय ठाकुर, अमित कुमार, अमित मिश्रा, शांभवी सिंह, सोनाली गौतम, अजीत आनंद, सुधांशु कर्ण, घनश्याम कुमार, शंकर भगवान, मनोरंजन कुमार, अमित राय, जनक कुमार आदि ने भी संबोधित किया।

