Home मुख्य जब कार्यस्थल पर योजना का विवरण ही नही तो क्या निजी फंड से घटिया सड़के बनवाते हैं मुखिया जी! Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - January 18, 2018

जब कार्यस्थल पर योजना का विवरण ही नही तो क्या निजी फंड से घटिया सड़के बनवाते हैं मुखिया जी! Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार

जिले के बहेड़ी प्रखण्ड में जहाँ जनप्रतिनिधियों द्वारा सरकारी योजनाओं में लूट और उसमें सुशासनिक चुप्पी आम बात हो गयी है, वहीँ प्रखंड के बलिगाँव पंचायत के मुखिया जी के कारनामे तो कुछ अलग हट के ही होते हैं। मुखिया जी पंचायत की सड़कें बनवाते तो हैं पर निर्माण शुरू होने से पूर्व योजना का कोई बोर्ड नही लगाते हैं। शायद निर्माण इनके निजी पारिवारिक फंड से होता है, इसलिए जैसी सामग्री डालनी हो, डाल सकते हैं, कोई बोलने वाला नही होगा। असल में कोई बोलेगा तब जब आमजनों को योजना का विवरण लिखा बोर्ड कार्यस्थल पर दिखेगा। क्योंकि सुशासन सरकार में पारदर्शिता के लिए हर योजना का विवरण लिखा बोर्ड कार्यस्थल पर होना अनिवार्य किया गया है। अब बोर्ड नही है तो निश्चित रूप से यह उनकी निजी योजना ही होगी।

अब जब हमारी टीम ने बहेड़ी के मुखिया महेश लालदेव के इसप्रकार के कारनामो की थोड़ी फेहरिस्त स्थानीय लोगों से जाननी चाही तो पता चला कि ये दिलदार मुखिया निर्माण तो शायद सारा अपने निजी फंड और निजी तरीके से ही करते हैं क्योंकि कार्यस्थल पर योजना का विवरण नही होता है, पर निर्माण हो जाने के बाद पूरा पैसा सूद समेत सरकारी फंड से निकाल लेते हैं। और जब सरकारी फंड से पैसा पूरा निकल गया तो कार्यस्थल पर बोर्ड लगा देने का एहसान सरकार पर कर देते हैं। अब जब कार्य पूर्ण होने तक आमजन को योजना की जानकारी ही नही तो कोई घटिया से घटिया निर्माण होते देख भी कोई क्या सवाल उठाएगा! जब पैसा पूरा निकल गया और निर्माण हो ही गया तो स्थानीय लोग भला सवाल उठाकर ही क्या कर लेंगे।

कुछ इसी प्रकार का कार्य मुखिया जी द्वारा प्रखंड ग्राम बलिगाँव में भी किया जा रहा है। गाँव के उत्तर में अंत में एक गली है महतो टोली एवं मल्लाह टोली की। वहां भी पीसीसी सड़क का निर्माण मुखिया जी ने अपने पुराने अंदाज में किया है। अपने पुराने अंदाज में ही उन्होंने ढलाई की नाम मात्र ऊंचाई, सड़क की मनमानी लंबाई एवं चौड़ाई आदि के साथ सड़क निर्माण शुरू करवाया है। ढलाई की नाममात्र ऊँचाई एवं चार नम्बर ईंटो का दर्शन कार्यस्थल पर स्पष्ट रूप से स्थानीय लोगों की आँखों में चमक रहे हैं। योजना का विवरण पूर्व की तरह इसबार भी अभीतक नही है। अतः कोई सवाल उठाने वाला भला क्या सवाल उठाएगा कि योजना के हिसाब से काम हो रहा है या नही। अभी तक तो योजना मुखिया जी के माइंड में ही सेट है पूर्व की तरह। जब उनके माइंडसेट से कार्य पूर्ण हो जाएगा और भुगतान प्राप्त हो जाएगा तो शायद सरकार पर एहसान करके मुखिया जी कार्यस्थल पर कार्ययोजना का विवरण वाला बोर्ड लगा दें।

इनसब में एक सबसे बड़ी बात है मुखिया जी का सुशासन वाला मैनेजमेंट। इस पूरी प्रक्रिया में भुगतान प्राप्त करने तक उन्हें कोई समस्या नही होती क्योंकि मुखिया जी अपने इस परम ईमानदारी के कार्य में सबका हिस्सा शायद पूरी ईमानदारी से बांटते हैं। तभी तो नीचे से ऊपर तक के अधिकारीयों का इतना विश्वास मुखिया जी पर बना रहता है कि उनके आँखों को चार नम्बर ईंट और घटिया निर्माण नजर नही आता है।

मुखिया जी के प्रखण्ड स्तर वेल मैनेजमेंट के बाद अब देखने वाली बात यह होगी कि इन कारनामो के सामने आने के बाद सुशासन सरकार के प्रतिनिधि स्थानीय जदयू विधायक अमरनाथ गामी, अपने ईमानदारी पूर्ण कार्यो के लिए अपने दरभंगा आगमन तक मीडिया में भी चर्चित दरभंगा के वर्तमान उपविकास आयुक्त कारी पासवान एवं सजग जिलाधिकारी डा0 चंद्रशेखर सिंह के दिल में मुखियाजी के इन कारनामो की फेहरिस्त खुद की नजरों से भी देखने और समझने की इच्छा जागरूक होती है या मुखिया जी का जोगाड़ विकास कायम ही रहता है!

Share

Leave a Reply