
मुन्नाभाई वाला फॉर्मूला लगाना पड़ा महँगा, क्लर्क बनने की जगह पहुँचा जेल। Voice of Darbhanga
दरभंगा: दरभंगा सिविल कोर्ट में क्लर्क पद को लेकर चल रहे अंतिम चयन साक्षात्कार में फ़िल्मी मुन्नाभाई वाला भाई वाला फॉर्मूला लगाना आख़िरकार महँगा पड़ गया। बुधवार को एक फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया गया। बायोमीट्रिक मशीन में उपस्थिति मान्य नहीं होने पर उसे फर्जी कगार दिया गया। गिरफ्त में आया अमित कुमार नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित पुलपर खंडक रोड निवासी लालो चौधरी का पुत्र है। पूछताछ में उसने बताया कि स्थानीय निवासी अखिलेश कुमार ने दो लाख रुपये लेकर पीटी और मेंस की परीक्षा में उर्तीण कराया। दोनों ही परीक्षा में अखिलेश ने अपने फिंगर को बायोमेट्रिक में फिड कराया था। इसी के तहत अमित के नाम व पता पर अखिलेश ने 17 जुलाई 2017 को पीटी और 15 अक्टूबर 2017 को मेंस का परीक्षा दिया। उर्तीण होने के बाद अमित को अंतिम साक्षात्कार स्वयं देने को कहा। लेकिन, यहां भी बायोमेटिक मशीन से पहने अभ्यर्थी की पहचान कराई गई। लेकिन, बार-बार मशीन उसके फिंगर को अमान्य करार दे रहा था। इसके बाद बायोमेट्रिक इंचार्ज जय भारत सिंह ने इसकी जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरूणेंद्र सिंह को दी। इसके बाद उसे लहेरियासराय पुलिस के हवाले कर दिया गया। मालूम हो
कि क्लर्क पद के पीटी और मेंस परीक्षा में उर्तीण अभ्यर्थीयों का अंतिम साक्षात्कार दरभंगा सिविल कोर्ट में बोर्ड के माध्यम से 16 जनवरी से संचालित है जो 2 फरवरी तक होना है। लहेरियासराय थानाध्यक्ष आरके शर्मा ने बताया कि बायोमेट्रिक इंचार्ज जय भारत सिंह के आवेदन पर कांड संख्या 19/18 दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि ,आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

