Home मुख्य मिथिला की संस्कृति देश नही पूरे विश्व में विख्यात है: डीएम। Voice of Darbhanga
मुख्य - January 31, 2018

मिथिला की संस्कृति देश नही पूरे विश्व में विख्यात है: डीएम। Voice of Darbhanga

दरभंगा: वृक्ष की जड़ें जितनी गहरी होती हैं पेड़ उतना ही मजबूत होता है। लोगों को कला-संस्कृति से जुड़ी अपनी विरासत को मजबूत करना चाहिए। चंद्रधारी संग्रहालय में विरासत जागरूकता सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित करते हुए डीएम डा. चंद्रशेखर सिंह ने उपरोक्त बातें कहीं। कहा कि मिथिला की संस्कृति देश ही नहीं पुरे विश्व में विख्यात है। इसे संरक्षित करने की जरूरत है। सभागार में उपस्थित बच्चों व अभिभावकों को उन्होंने स्वचछता का पाठ भी पढ़ाया। कहा कि आप जहां भी जाएं वहां की विरासत, धरोहरों व कला-संस्कृति के विषय में पूरी जानकारी लें। इसमें संकोच नहीं करें। इससे ज्ञानव‌र्द्धन ही नहीं होता है बल्कि, आने वाली पीढ़ी को बल मिलता है। संग्रहालय में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों पर उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में यह परिसर और भव्य दिखेगा। संग्रहालयध्यक्ष के कार्यों की उन्होंने सराहाना करते हुए कहा कि इनके अंदर काम करने की ललक है, इसका परिणाम आज सभी को देखने को मिल रहा है। प्रो. अशोक सिंह ने कहा कि संग्रहालय की तरह आम लोगों को भी अपने घरों की धरोहरों व विरासत को संरक्षित रखने की जरूरत है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे संग्रहालयध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार यादव ने विरासत की हिफाजत के लिए आम लोगों को आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर लोगों को अपनी संस्कृति से प्रेरणा लेना चाहिए। रिंकू झा के संचालन में समारोह को प्रो. कामदेव चौधरी, ब्रजेंद्र मिश्रा आदि ने विरासत व कला-संस्कृति पर विस्तार से प्रकाश डाला। जबकि, धनयवाद ज्ञापन साहित्कार हिरालाल सहनी ने किया। सामारोह के अंत में विभिन्न तिथियों को आयोजित की गई पेंटिंग, क्विज नृत्य, संगीत, कविता आदि बाल प्रतियोगिता के सफल व सहभागियों को डीएम ने पुरस्कृत किया। इसके बाद डीएम डॉ. सिंह ने संग्रहालय में चल रहे जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संवेदक को कई निर्देश दिया।

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