
लापरवाही एवं अनियमितता के आरोप में दरभंगा के पूर्व कल्याण पदाधिकारी सेवा से बर्खास्त। Voice of Darbhanga

दरभंगा : लापरवाही व वित्तीय अनियमितता को लेकर सरकार ने शिवहर के प्रभारी कल्याण पदाधिकारी सत्येंद्र नारायण चौधरी को बर्खास्त कर दिया है. वह मधुबनी जिले के झंझारपुर के रहने वाले हैं. श्री चौधरी इससे पहले दरभंगा में जिला कल्याण पदाधिकारी के पद पर तैनात थे. यहां वर्ष 2014-15 के दौरान उन पर दो करोड़ पांच लाख 62 हजार 57 रुपये की फर्जी निकासी समेत अन्य आरोप लगे थे. आरोपों पर वास्तविक पक्ष नहीं रखने व डीएम डॉ चंद्रशेखर सिंह के जांच प्रतिवेदन को सही पाते हुए अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग ने उन्हें बर्खास्त कर दिया. इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
श्री चौधरी के विरुद्ध आरोप है कि 20 अक्तूबर 2014 से लगातार अनाधिकृत रुप से वे अनुपस्थित रहे. छात्रवृत्ति की राशि प्रखंडों को समय पर हस्तांतरित नहीं किए जाने, राशि का चेक समय पर नही दिए जाने व छात्र-छात्राओं को परेशान करना शामिल है. इसे लेकर उनके खिलाफ प्रपत्र क गठित हुआ था. इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन जवाब नहीं दिया. इसके बाद कार्रवाई की गयी. इसके लिए उपनिदेशक मुख्यालय को संचालन पदाधिकारी व निदेशक कल्याण, दरभंगा प्रमंडल को उपस्थापन पदाधिकारी घोषित किया गया. बाद में अपने स्पष्टीकरण में श्री चौधरी ने अनुपस्थिति को चूक बताते हुए कहा था कि उन्होंने राशि गबन की जानकारी
मिलने पर लहेरियासराय थाने में मामला दर्ज कराया था. उनकी सफाई को जांच में सही नहीं पाया गयी. कहा गया कि कार्यालय प्रधान होने के नाते अवैध निकासी एवं राशि गबन मामले में उनकी संलिप्तता है. राशि गबन मामले में प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूर्ण रूप से उन्हें दोषी ठहराया गया.

