
अजूबा: घटना होने से पहले पहुँची पुलिस और हथियार के साथ दबोच लिया लुटेरे को! Voice of Darbhanga
दरभंगा: अक्सर हिंदी फिल्मों के तर्ज पर घटना होने के बाद पुलिस पहुँचती है और फिर छानबीन कर कभी कभार सही अपराधियो को पकड़ भी लेती है। परंतु दरभंगा सदर डीएसपी सह एएसपी दिलनवाज अहमद के रहते ऐसे मामलो में दरभंगा पुलिस का रूप अक्सर बदला बदला सा नजर आता है। अपने मजबूत सूचना तंत्र के बदौलत बड़ी घटना को अंजाम देने से पहले भी अपराधियो को दबोच लेते हैं। कभी कभी जान पर भी खेल जाते हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को सामने आया जब उन्होंने खुद की जुबानी पुलिस की इस कहानी को सुनाया। बकौल श्री अहमद एक व्यवसायी को लूटने पहुंचे तीन कुख्यात को दरभंगा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक दिलनवाज अहमद ने बताया कि सारा मोहनपुर का रहने वाला रामप्रसाद सहनी का पुत्र सुशील सहनी जो नेपाल में रहता है और दरभंगा में आकर लूट की घटना को अंजाम देकर वापस नेपाल चला जाता है। इसकी गुप्त सूचना मिली थी कि बाजार समिति का एक व्यवसायी पंजाब नेशनल बैंक शाखा से रूपया निकाल रहा है जिसे लूटने की योजना अपराधियों ने बनाई है। इसके लिए सुशील सहनी ने दरभंगा के कुछ अपने कॉन्टेक्ट से संपर्क किया था। इसके बाद व्यापारी के भांजे से दोस्ती कर पूरे तरीके से योजना को सुदृढ़ किया। पर इसी बीच इसकी सूचना श्री अहमद के गुप्तचर ने उन्हें दे दी। साथ ही साथ पिस्टल के साथ व्हाट्सएप पर लगा सुशील साहनी की तस्वीर भी पुलिस को मिल गयी। पुलिस ने उसे ट्रेप करना शुरू कर दिया। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि शहर के दिल्ली मोड़ के पास व्यवसायी को लूटने केलिए सुशील सहनी अपने साथियों संग इक्कठा हुआ है। इसी सूचना पर दिल्ली मोड़ के पास बस से उरते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके पास से 7.65 लोडेड पिस्टल और मोबाईल बरामद किया गया है। इसी के निशानदेही पर
इसके दो सहयोगी सारामोहनपुर के रहने वाले हलीम अंसारी का पुत्र जमील अंसारी और गुलाब यादव का पुत्र प्रमोद यादव को गिरफ्तार किया गया है। सुशील सहनी पर विश्वविद्यालय और सदर थाने में मोटरसाईकिल लूट काम मुकदमा दर्ज है और इसमे वह फरार बताया जाता है। सुशील ने अपना नेपाल वाला नम्बर और मोबाइल नेपाल में ही छोड़ दिया था जिससे पुलिस को चकमा दिया जा सके। परन्तु श्री अहमद के मजबूत सूचना तंत्र की बदौलत वह पकड़ा गया।
छापेमारी टीम में यूनिवर्सिटी थानाध्यक्ष अजय झा, नगर इंस्पेक्टर सीताराम प्रसाद तथा मब्बी ओपी प्रभारी गौतम कुमार की भूमिका अहम रही।

