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मुख्य - February 4, 2018

रद्द हुआ कामेश्वरी प्रिया पुअर होम नामक अनाथों के हक खाने वाली संस्था का रजिस्ट्रेशन! Voice of Darbhanga

दरभंगा: अनाथों के संरक्षण हेतु बनायी गयी संस्था दरभंगा स्थित कामेश्वरी प्रिया पूअर होम नामक संस्था का रजिस्ट्रेशन रद कर दिया गया है। संस्था पर अपरोक्ष रूप से सर्वविदित है कि यह अनाथों के हक में कार्य न करके बस मलाई मारने वाली संस्था बन कर रह गयी। बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के निबंधन महानिरीक्षक आदित्य कुमार दास की ओर से जारी एक पत्र में इसकी पुष्टि की गई है। इसकी सूचना आयुक्त दरभंगा प्रमंडल सह संरक्षक कामेश्वरी प्रिया पूअर होम को भेज दी गई है। बता दें कि इस संस्था के विरूद्ध पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। इसी आलोक में न्यायालय ने संस्था का संपूर्ण प्रभार आयुक्त दरभंगा प्रमंडल को सौंपते इसकी जांच का आदेश दिया। आयुक्त की ओर से इस मामलों को लेकर तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर पूअर होम के कार्यकलाप व गतिविधियों की विस्तृत जांच कराई गई। जांच के बाद कमेटी ने अपना प्रतिवेदन सौंप दिया। इसमें संस्था द्वारा मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में वर्णित उद्देश्य के आलोक में कार्य नहीं करने की बात कही गई। आयुक्त की ओर से रजिस्ट्रीकरण नियमावली 1965 के नियम 12 व 13 के आलोक में संस्था का निबंधन रद् करने की अनुशंसा की गई। न्यायालय आदेश के अनुपालन में पूर्ण विचारोपरांत आयुक्त दरभंगा प्रमंडल दरभंगा सह संरक्षक कामेश्वरी प्रिया पूअर होम द्वारा यह अभिमत व्यक्त किया गया कि जब तक संदर्भित संस्था का निबंधन रद् नहीं हो जाता है, तब तक प्रशासनिक दृष्टिकोण से संस्था को अपने मूल उद्देश्य में वापस लाने में कठिनाई है, अत: संस्था का निबंधन रद किया जाए। इसके बाद निबंधन विभाग ने संस्था के सचिव रमन कुमार वर्मा को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण की मांग की। संस्था ने स्पष्टीकरण के माध्यम से यह बताया कि संस्था का मूल उद्देश्य भिखाड़ियों को वोकेसनल ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना है। लेकिन यह पाया गया कि भिखारी प्रशिक्षण लेकर भी काम के बजाए भिक्षाटन ही करते हैं। इधर, संस्था सचिव से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा की गई। संस्था के अभिलेखों की जांच की गई। अवलोकन से यह स्पष्ट पता चलता है कि 1980 के बाद किसी प्रकार का संशोधन विभाग द्वारा अभिलिखित नहीं कराया गया। संस्था अपने वैधानिक दायित्व की पूर्ति में विफल रही।

इस निर्णय पर इस संबंध में पूअर होम पुनरूद्धार समिति के संस्थापक जयशंकर झा ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कमिटी द्वारा अनाथों की भूमि का एक भाग एक आँख अस्पताल को देकर घोर अन्याय किया गया। अब उन्हें इस निर्णय के बाद अब पुअर होम के जीर्णोद्धार की उम्मीद जगी है।

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