
दूसरे दिन भी अधजली लाश की नही हुई पहचान, नही पता चला किसका था शमशान में मचान। Voice of Darbhanga
दरभंगा: बहादुरपुर थाना क्षेत्र के देकुली गांव के बगीचा से सोमवार को बरामद अधजला अज्ञात युवक के शव की शिनाख्त दूसरे दिन भी नहीं हो पाई। आस-पास के लोगों ने भी शव को नहीं पहचान पाए। पोषक क्षेत्र से किसी युवक के गायब होने की शिकायत भी पुलिस को नहीं मिली है। ऐसी स्थिति में शव की शिनाख्त करना मुश्किल हो गया है। बताया जाता है कि पुलिस अब एसएफएल टीम के सहारे जांच कर मामले का उदभेदन करना चाहती है। लेकिन, यह संभव हो पाएगा अथवा नहीं यह कहना मुश्किल है। पुलिस अंधेरे में अनुसंधान कर रही है। घटना स्थल से पिस्टल का एक कारतूस व प्रेम पत्र बरामद होना मामला को उलझा कर रख दिया है। अगर शव किसी प्रेमी का है तो प्यार के इजहार से पहले उसका कोई दुश्मन क्यों बनेगा। दरअसल, जो खत मिला उससे यह स्पष्ट है कि वह किसी अंशु नामक लड़की को चाहता है और वह अपने प्यार का इजहार करना चाहता था। ऐसी स्थिति में इस कारण से उसकी कोई हत्या नहीं कर सकता है। नि:संदेह उस घटना को हत्यारो ने अलग मोड़ देने की कोशिश की है। लेकिन, जब तक शव की शिनाख्त नहीं हो जाती है तब तक कांड से पर्दा उठना मुश्किल है। यदि मामले को प्रेम प्रसंग के एंगल से देखा जाय तो सक्षम परिवार द्वारा पैसे के बल पर भी हत्या करवाई जा सकती है। ऐसे में हाल के दिनों में चर्चित प्रेम प्रसंगों में गायब जोड़े अथवा लड़का पक्ष की पूरी जानकारी पुलिस हासिल करे तो शायद कुछ संकेत भी मिले। हालांकि सारे कयास एकतरफ होते हैं और दरभंगा पुलिस के जाँच तरीका अलग। दवाब बढ़ने पर पुलिस जल्द इसका उदभेदन प्रेस वार्ता के माध्यम से करेगी ही, इसकी उम्मीद पूर्व की पुलिस की तत्परता से लगाया जा सकता है। हलाँकि इलाके में मंगलवार को भी सनसनी फैली रही। घटना स्थल के पास दर्जनों शराब की खाली बोतलें व व्हाइटनर का डिब्बा पाए जाने की बात पर न तो आस-पास के लोग कुछ बता रहे है और न ही पुलिस। बताया जाता है कि सुनसान इलाका रहने के कारण बगीचा में अपराधियों का जमावड़ा लगा रहता है। ये लोग यहां नशापान ही नहीं करते बल्कि, शराब का धंधा भी करते हैं, ऐसा लोगों का मानना है। घटना स्थल स्थित एक मचाननुमा झोपड़ी है । जहां लाइनटेन, खाने-पीने का सामान व वर्तन भी पाया गया। यहां तक की झोपड़ी में विस्तर भी देखने को मिला। लेकिन, घटना के बाद से झोपड़ी में रहने वाला शख्स दूसरे दिन भी नहीं दिखाई दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि घटना के संबंध में उसके पास कोई जानकारी है। लेकिन, वह झोपड़ी किसका है यह कोई बता नहीं रहा है। आसपास के लोगों द्वारा किसी प्रकार की कोई बात नही बताये जाने से भी घटना के संबंध में अलग प्रकार का ही संदेह उतपन्न होता है।

