
अवैध उगाही का विरोध करने पर कार्यपालक सहायक ने जदयू नेता को पीटा! Voice of Darbhanga
दरभंगा: सुशासन की सरकार में अफसरशाही हावी होती जा रही है और जनता के प्रतिनिधियों की उपेक्षा लगातार सरकारी कर्मियों द्वारा बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को बहादुरपुर प्रखंड परिसर में शुक्रवार को आरटीपीएस कर्मी और जदयू अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष विपुल राय आपस में भिड़ गए। दोनों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। दोनों ने एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। इस बीच सीओ भुवनेश्वर झा ने कहा है कि इस मामले की किसी भी पक्ष ने उनसे कोई शिकायत नहीं की है। बावजूद इसके बहादुरपुर थाने को इसकी जांच करने को कहा गया है। प्राप्त समाचार के अनुसार आधा दर्जन छात्र आवासीय, जाति और आय प्रमाण-पत्र बनाने को लेकर लाइन में लगे हुए थे। इतने में आरटीपीएस काउंटर पर काम कर रहे कार्यपालक सहायक पंकज कुमार ने एक बजे का हवाला देते हुए काउंटर बंद कर दिया। आक्रोशित छात्रों ने जदयू अध्यक्ष विपुल राय से इस बात की शिकायत की। विपुल राय बाढ़ राहत आदि काम के सिलसिले में प्रखंड कार्यालय आए हुए थे। उन्होंने तत्काल आरटीपीएस कक्ष में पहुंच कर उक्त कार्यपालक सहायक से छात्रों का आवेदन इंट्री करने को कहा। पर विपुल राय का आरोप है कि कॉउंटर कर्मी ने टाइम के बाद एंट्री केलिए पैसे की माँग की। विपुल राय ने इसका विरोध किया और पैसे उगाही की शिकायत ऊपर तक करने की चेतावनी दे दी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहा-सुनी हो गयी। परन्तु उस समय मामला थम गया। परन्तु उसके डेढ़ दो घण्टा बाद श्री राय के साथ काउंटर कर्मी ने बाहरी लड़को के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रखंड मे उपस्थित कई लोगों ने बीच-बचाव किया। तब जाकर मामला शांत हुआ। विपुल राय ने कार्यपालक सहायक पर बाहर से लोगों को बुलाकर मारपीट करने की शिकायत की है। दूसरी ओर कार्यपालक सहायक ने कहा है कि जदयू नेता आरटीपीएस कक्ष में आए और स्ट्रेपलर मांगा। आवेदन में पिन लगाने के बाद वह स्ट्रेपलर लेकर जाने लगे। मना करने पर दोनों के बीच कहा-सुनी होने लगी और जदयू नेता ने उसके साथ मारपीट की। मारपीट के विरोध में आरटीपीएस कर्मियों ने कामकाज ठप कर दिया। इससे प्रखंड में अफरा-तफरी मच गई। समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। विपुल राय ने बताया कि जदयू जिलाध्यक्ष ने उन्हें बुलाया और जिलाधिकारी से फोन पर बात की। जिलाधिकारी से शनिवार को मिलकर इसकी शिकायत करेंगे।
सूत्रो की माने तो स्टेपलर को लेकर इतना बड़ा मामला नही हो सकता कि मामला खत्म हो जाने के डेढ़ दो घण्टे बाद भी बाहर से गुंडों को बुलाकर जदयू नेता के साथ बदसलूकी की हिम्मत की जाय। सूत्र के मुताबिक जदयू नेता ने पैसे की माँग की रिकॉर्डिंग अपने मोबाइल में कर ली थी जिसकी जानकारी मिलने पर कार्यपालक सहायक बौखला गया। विपुल राय इस रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक कर पोल खोलना भी चाहते हैं। पर जदयू के वरिष्ठ नेता ने इन्हें अपनी ही सरकार की बदनामी का हवाला देकर ऐसा करने से रोक दिया। ज्ञात हो कि आये दिन इन कर्मियों के मनमानी की शिकायतें आती रहती हैं। परंतु इनपर कोई कारवाई नही होती है। अगर अवैध उगाही वालो पर कोई आंच आयी तो उगाही का हिस्सा संघ में चंदा के रूप में देते रहने के कारण संघ इनके पक्ष में आंदोलन आदि की धमकी दे देता है और कारवाई रुक जाती है।

