
दरभंगा में धड़ल्ले से हो रहा है प्रेस लिख कर चोरी की गाड़ियों का उपयोग, दो धराये। Voice of Darbhanga
दरभंगा: आजकल चोरी की गाड़ियों पर प्रेस लिख कर घूमना और धौंस दिखा कर बच जाने का खेल दरभंगा में जोरो पर है। प्रेस के नाम पर पुलिस से सम्बन्ध अच्छा बना लेते हैं ताकि पेपर चेक न हो। ताजा मामले में बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सैदनगर में शनिवार को विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक प्रेस लिखी चोरी की फिएट कार (एचआर36 भी 1745) के साथ दो सगे भाईयों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवकों की पहचान झारखंड के रांची के ध्रुवा थाना क्षेत्र के डीटू सेल सिटी न्यू पुंदाग निवासी प्रमोद कुमार के पुत्र अमित गोस्वामी व आतिश कुमार के रूप में की गई है। अमित ने बताया कि उसे कंपनी के मालिक दिल्ली निवासी राजवीर सिंह ने काम के सिलसिले में गाड़ी दी थी। हालांकि यह गाड़ी स्वंय मालिक की भी नहीं है। इधर, सदर एसडीपीओ दिलनवाज अहमद ने बताया कि दोनों आरोपित एक फर्जी कंपनी सिरा इरकॉन के लिए नेटवर्किंग का काम करते हैं। इसी सिलसिले में ये दोनों दिल्ली से दरभंगा पहुंचे थे। श्री अहमद ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर शराब बरामदी को लेकर गाड़ियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान फिएट पर सवार दोनों भाईयों को पुलिस ने रोका। गाड़ी की तलाशी के दौरान कागजात की मांग की गई। गाड़ी पर प्रदेश अध्यक्ष का बोर्ड लगा था। श्री अहमद ने बताया कि जब नंबर की जांच की गई तो पता चला कि यह नंबर किसी स्विफ्ट कार का है। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
ज्ञात हो कि इनदिनों दरभंगा में प्रेस लिखे गाड़ियों की भरमार नजर आती है। इससे पूर्व भी चोरी की गाड़ियों पर प्रेस लिखा हुआ पकड़ाया है। प्रेस लिख कर धौंस दिखाने केलिए चोरी की गाड़ी का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है क्योंकि पुलिस से सम्बन्ध अच्छा होने के कारण गाड़ियां चेक नही होती है। चुनाव के दौरान जब जिला प्रशासन
द्वारा वाहन के पास जारी करने केलिए गाडी के पेपर मांगे जाते हैं तो भी बहुत सारे प्रेस लिखे गाड़ियों के पेपर नही जमा हो पाते हैं। इससे कहीं न कहीं इस शक को भी बल मिलता है। इन सभी प्रेस लिखी गाड़ियों की जाँच यदि सही तरीक़े से अभियान चला कर की जाय तो बहुत से चोरी की गाड़ियां बरामद होने की संभावना भी बन सकती है।

