
चार हजार से ज्यादा फर्जी डॉक्टर नर्सिंग होम खोलकर चला रहे हैं मौत का बाजार: पप्पू यादव। Voice of Darbhanga
दरभंगा: मौजूदा समय की राजनीति बहुत ही गंदी है। मैं हमेशा आम आदमी के साथ खड़ा हूं और आगे भी रहूंगा। चार हजार से ज्यादा फर्जी डॉक्टर क्लीनिक नर्सिंग होम खोलकर बैठे हैं और मौत का बाजार चला रहे हैं। आज स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवसाय क्षेत्र में बदल गया है। मैं कभी भी किसी व्यक्ति विशेष से नहीं लड़ता, आपका सेवक आपके द्वार बिहार के माध्यम से लोगों की सेवा में उपस्थित हुआ लोगों की मदद वह हमेशा आगे रहा।
उपरोक्त बातें सोमवार को यूरो स्टोन क्लीनिक एवं जाप कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद दरभंगा पहुँचे जाप सुप्रीमो सह मधेपुरा सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने कही। आईएमए के आग्रह पर अल्लपट्टी में क्लीनिक के सामने धरना पर नही बैठ कर वे आईएमए हॉल में डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी एवं आईएमए अधिकारियों के साथ बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने जिला में राजनीतिक पार्टियों के नेताओं व पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाया। उन्होंने यहां तक कह दिया भू माफिया एवं जमीनों के दलाल नहीं सुधरे तो तो मैं उन्हें नहीं छोड़ने वाला और उन्हें शूट करना पड़ा तो मैं पीछे नहीं हटूंगा। सांसद काफी गुस्से में थे। उन्होंने कहा मैं अंजाम की परवाह नहीं करता मैं कभी भी मौत से नहीं डरता हूँ। मुझे अपने अंजाम परवाह नहीं उन्होंने बार-बार मरीजों के साथ हो रहे अन्याय की बात को दोहराया। बस आईएमए के भावना का ख्याल रखा नहीं तो कोई मुझे धरने पर बैठने से नहीं रोक सकता। वर्तमान में 1 से 2% डॉक्टरों के कारण बहुत से अच्छे डॉक्टर जो समाज में सेवा के लिए दिन रात लगे रहते हैं, उनकी भी बदनामी होती है। ऐसा देखा जाता है कि जो सही मायने में समाज के सच्चे सेवक होते हैं उनके यहां मरीजों की संख्या बहुत कम देखी जाती है जबकि जो मोटी मोटी रकम व कई तरह की जांच के माध्यम से कमीशन खाते हैं वैसे फर्जी डॉक्टर के यहां काफी भीड़ देखी जाती है। ऐसा सरकारी हॉस्पिटलों के लचर व्यवस्था के कारण भी होती है। आईएमए के सदस्य की ओर से डॉक्टर रमण कुमार वर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा 70% लोग निजी क्षेत्र के क्लीनिकों से या
हॉस्पिटल से इलाज कराते हैं। हम अपने आप को ठीक रखें और कानून भी हमारी रक्षा कर सकती है जब तक हम कानून की रक्षा करेंगे। उन्होंने सांसद पप्पू यादव से कहा उन फर्जी डॉक्टरों कि सूची उपलब्ध करा दिया जाएगा। कैप्टन मनोज कुमार ने अपनी गलती मान लिया और इस घटना के लिए सॉरी बोला हैं। और जिस व्यक्ति के साथ जन अधिकार पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया था। डॉ मनोज कुमार ने उसे अपना स्टाफ बताने से इनकार किया और उस पर कानूनी कार्रवाई करवाने की बात कही गई।
डॉक्टर रमण कुमार वर्मा ने जोर देते हुए क्या आज शिक्षा और स्वास्थ्य पूरी तरह व्यवसायीकरण की ओर जा रहा है। कॉर्पोरेट सेक्टर के लोगों के कारण आज स्वास्थ्य सेवा जो ₹30 हजार की होती है की जगह ₹3 लाख तक में हो पाती है और जिसका सारा का सारा दोष डॉक्टर्स पर ही होता है। बैठक में जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ अब्दुसलाम खान मुन्ना खान ,चुनमुन यादव, सोनू तिवारी,नोशाद अहमद एवं अन्य कई दर्जन कार्यकर्ता शामिल हुए।

