
तहजीब और दिल की भाषा है उर्दू: डीएम। Voice of Darbhanga
दरभंगा: उर्दू निदेशालय, पटना के तत्वाधान में जिला उर्दू भाषा कोषांग, राज भाषा, दरभंगा की ओर से बुधवार को जिला फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का आयोजन दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि डीएम चन्द्रशेखर सिंह ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
सेमिनार की अध्यक्षता डॉ. अब्दुल मन्नान तर्जी कर रहे थे। सेमिनार का विषय था ‘अवामी सतह पर उर्दू जबान के फरोग में दरपेश मसाएल और उनका हल, ‘सरकारी सतह पर उर्दू जबान के अमली नफाज में दरपेश मसाएल और उनका हल एवं ‘स्कूल सतह पर उर्दू की तदरीस के मसाएल और उनका हल। स्वागत भाषण मो. वसीम अहमद, प्रभारी अधिकारी जिला उर्दू भाषा कोषांग, दरभंगा की ओर से दिया गया। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए डीएम ने बताया कि उर्दू भाषा दिल की भाषा व तहजीब की भाषा है, जो सीधे दिल तक पहुंचती है।
उन्होनें स्वयं आईएएस एकेडमी में प्रशिाक्षण के दौरान अतिरिक्त भाषा के रूप में उर्दू भाषा के चयन किये जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज इस सेमिनार के जरिए सभी एकत्रित लोग इस बात पर विचार कर मंथन करें कि उर्दू का अधिकाधिक कैसे विकास हो। सांस्कृतिक जरूरत के हिसाब से भाषा के बदलने की बात उन्होंने की। उन्होंने उर्दू को अधिक से अधिक व्यवहारिक भाषा बनाए जाने की दिशा में सोच को विकसित करने की भी बात बतायी।

