Home मुख्य जदयू विधायक ने भदवा काण्ड के पीड़ित भाजपा नेता को दिया एक माह का वेतन। Voice of Darbhanga
मुख्य - March 18, 2018

जदयू विधायक ने भदवा काण्ड के पीड़ित भाजपा नेता को दिया एक माह का वेतन। Voice of Darbhanga

दरभंगा: गत 15 मार्च 2018 के रात्रि में सदर थाना के बलहा पंचायत के भदवा गांव में भाजपा के पंचायत अध्यक्ष तेज नारायण यादव के दुकान पर कुछ हमलावरों द्वारा जानलेवा हमला कर उनके पिता रामचंद्र यादव की हत्या कर दी गयी तथा उनके भाई कमलदेव यादव गंभीर रूप से जख्मी होकर डीएमसीएच में इलाजरत है। इस घटना के बाद भाजपा नेताओं की राजनीति तेज हो गयी और इसे मोदी चौक नामांकरण के कारण घटना करार दिया गया। तमाम आंदोलन हुए और जिले से लेकर प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री तक आये और बयानबाजी आदि किये। पर भाजपा नेताओं द्वारा जिसे शहादत नाम दिया गया और केंद्रीय मंत्री तक मिलने आये, उस मृतक के अंतिम यात्रा में कांधा देने या अंतिम संस्कार में भाग तक किसी ने नही लिया। इलाजरत घायल एवं परिवार की सहायता के लिए इतने बड़े बड़े नेताओं के आने वाबजूद किसी ने एक रूपये की आर्थिक मदद निजी या पार्टी फंड से भी नही की जबकि शनिवार की शाम भाजपा के एक वर्तमान विधायक, दो पूर्व विधायक, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री आदि तमाम नेता मौजूद थे।

जब किसी ने कुछ नही किया तो जदयू के हायाघाट विधायक सह बिहार विधानसभा प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण समिति के सभापति अमरनाथ गामी ने मृतक के पुत्र भाजपा नेता तेज नारायण यादव को अपने एक माह का मूल वेतन तीस हजार रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस अवसर पर श्री गामी ने कहा कि निश्चित रूप से इस घटना की जितनी भी निंदा की जाय कम है, लेकिन हम जानते है कि केवल निंदा से पीड़ित परिवार का दुःख कम नहीं किया जा सकता है। उनके परिवार के मुखिया जो इस घटना जीवन त्याग दिये, उनके नहीं रहने से परिवार पर असमय आर्थिक तंगी आ गयी है।कर्मकांड समाप्त होने तक बहुत लोग आयेंगे जायेंगे, लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी रहेगी। हम उनके पिता को वापस तो नहीं ला सकते है,लेकिन दुःख की इस घड़ी में खड़ा जरूर रह सकते है। क्योंकि तेज नारायण यादव किसी पार्टी का पंचायत अध्यक्ष है, यानी राजनीती कार्यकर्त्ता है। हम भी राजनीतिक कार्यकर्त्ता से यहाँ तक पहुंचे है,कार्यकर्त्ता के दुःख दर्द को समझते है,जबकि नेता गण एवं कार्यकर्त्ता, उनके मृत्यु को राजनितिक हत्या मानते है। इस तरह की हत्या में सरकार द्वारा मुआवजा का प्रवधान नहीं है। मात्र पारिवारिक लाभ के तहत बीस हजार एवं कबीर अंत्येष्टि का तीन हजार रुपया बहुत से बहुत मिलता है। इस राशि से जीवन की गाड़ी चलने की बात तो दूर कर्म कांड भी नाकाफी है।इस कारण उनके मदद में,मैं अपने एक माह का वेतन यानि तीस हजार की राशि का चेक ,पीड़ीत परिवार को देने का घोषणा करता हूँ जो पटना से लौटने के बाद 24 मार्च 2018 को पीड़ित परिवार को देने की घोषणा करता हूँ। जो पटना से लौटने के बाद 24 मार्च 2018 को पीड़ित परिवार को चेक हस्तगत कराएँगे। साथ ही उन्होंने सभी राजनितिक  साथियों से अनुरोध है कि यथासंभव आर्थिक सहयोग कर पीड़ित परिवार के इस दुःख की घड़ी का साथी बने। प्रशासन से आग्रह है कि शीध्र इस घटना का उद्भेदन कर अपराधियो को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएं ताकि दुबारा इस तरह की घटना की पुर्नावृति न हो।

श्री गामी के इस सहायता से कहीं न कहीं एक बड़ा सन्देश उन तमाम राजनेताओं को गया है जो पार्टी कार्यकर्ता के पिता को शहीद बताकर बयानबाजी जम कर किये और मीडिया में फोटो भी लगवाये। पर संकट के इस घड़ी में एक पैसे से कोई मदद नही कर पाए। अब देखने वाली बात होगी कि श्री गामी के इस कदम और आह्वान के बाद भी भाजपा नेताओं की नींद इस दिशा में खुलती और कुछ आर्थिक सहायता भी मिलती है या सिर्फ मृतक के राख पर ही राजनीति जारी रहती है।

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