
कंकाली मंदिर में जयघोष के नारों के साथ संपन्न हुआ नवाह यज्ञ। Voice of Darbhanga
दरभंगा: कंकाली मंदिर में विश्वकल्याणार्थ आयोजित नवाह संकीर्तन यज्ञ मंगलवार को कंकाली माई की उदघोष व जयकारों के साथ संपन्न हो गया । समापन बेला पर आचार्यों व पंडितों के मंत्रोच्चारण से वातावरण भक्तिमय बना रहा। 18 मार्च से दरभंगा महाराज के निर्मित ऐतिहासिक कंकाली मंदिर में सुर-ताल संग यज्ञ की अग्नि की पूर्णाहुति के साथ विराम लग गया। किला परिसर स्थित ऐतिहासिक कंकाली मंदिर में मां कंकाली के दरबार में नामधुन के अविरल बहती धारा में गोते लगाने बाले श्रद्धालुओं का हुजूम अंतिम दिन भी अहले सुबह से उमड़ रहा। मां के दर्शन व हवन कुंड की परिक्रमा करके भक्तगण नामधुन मे शामिल हो रहे थे। प्रधान पुजारी पं राजीव झा स्वयं हवन कर रहे थे। इसके अलावा पांच अन्य आचार्यों के सहयोग से हवन मंडप की पूजा अर्चना की गई। इसके बाद अग्नि की पुर्णाहुति दी गई। मां कंकाली की जय की जयकारों के साथ मंदिर की परिक्रमा कर वाद्ययंत्र की पूजा की गई। इसके बाद नामधुन सहित अहर्निश चल रहे दुर्गा सप्तशती का पाठ और नवाह का जाप सम्पन्न हो गया। दिन के बारह बजे से ही स्वर कोकिला सुषमा झा और विभा झा के नेतृत्व में महिलाओं की टोली नामधुन में मगन थी। विभिन्न वाद्ययंत्रों, तबला, नाल हारमोनियम से निकल रहे नामधुन की ध्वनि की समाप्ति बाद सुषमा झा ने मां की वंदना की। जिसके रसधारा में भक्त झूमने को विवश हो गए। भक्तों के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। खीर और बुंदिया का प्रसाद पाकर भक्त मां का जयकारा लगा रहे थे। पं0 मनमोहन झा, नरेन्द्र मोहन झा, महेश झा, अमित झा, मुकेश झा, मिथिलेश झा दुर्गा शप्तशती का अनवरत पाठ किया। वहीं महेश्वर ठाकुर, परमेश्वर झा, इन्दु नाथ झा, ध्रुव काका, मनोज पंडित व कामेश्वर झा विशेष मंडप में वैदिक रीति से अखण्ड हवन करने का काम किया। शुभंकरपुर के गुलशन कुमार, कमलेश यादव, संतोष बिहारी, मनोज राय के संकीर्तन मंडली के अलावे स्थानीय संकीर्तन मंडली के कलाकारों ने भी शास्त्रीय धुन के अलावे सोहर एवं समदाउन धुन पर नामधुन किया। संध्या 6 बजे से भजन संध्या में भक्त गोता लगाते रहे। मंदिर प्रबंध की ओर से रात्रि मे आयोजित भंडारा में दूर-दूर से आए भक्तों ने पंगत किया।

