
खुली पोल: व्यक्ति विशेष के अहंकार और मनमानी के कारण पार्टी से दूर हुए थे जगदीश साह और अजय पासवान! Voice of Darbhanga
दरभंगा: बिहार प्रदेश भाजपा अनुशासन समिति के सदस्य सह वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कुमार यादव बुधवार को दरभंगा पहुँचे और भाजपा से रुष्ट तथा निलंबित तमाम प्रमुख नेताओं से मिलकर उनका पक्ष जाना। पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश साह, पूर्व मेयर अजय पासवान, पूर्व जिलामंत्री अनिल कुमार झा ने श्री यादव के सामने पार्टी से दूरी के कारणों पर अपना अपना पक्ष रखा। एक अन्य निलंबित सदस्य दयाशंकर झा ने दूरभाष पर अपना पक्ष रखा। साथ ही साथ पार्टी से दूरी रहने के वाबजूद विचारधारा के साथ होने की बात भी कही। इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी अमलेश झा ने बताया कि सभी पक्षो को सुनने के बाद श्री यादव ने पूरा चिंतन मनन किया और आशा जतायी कि अनुशासन समीति के समक्ष सारे तथ्यों को रखने के पश्चात इसपर जल्द ही सहानभूति पूर्वक विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
मीडिया के सामने रखे गए पक्षो को भले ही सार्वजनिक नही किया गया हो, परंतु पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की माने तो लगभग सभी ने पार्टी से दूरी का कारण दरभंगा में एक व्यक्ति के पॉकेट में पार्टी का होना तथा उसके अहंकार
और मनमानी को प्रमुख कारण बताया है। साथ ही बहुत सारे कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ने का कारण भी बिना आधार वाले नेता को टिकट मिलना और अहंकार के सामने निष्ठावान कार्यकर्तओं का अपमान करना बताया।
पार्टी के उस व्यक्ति का नाम भले सामने नही लाया गया, परंतु जगदीश साह और अजय पासवान की पार्टी से नाराजगी किस व्यक्ति के कारण थी, यह किसी को बताने की जरूरत नही है। जगजाहिर है कि पूर्व मेयर अजय पासवान ने उन्हें मेयर के कुर्सी से हटाने का जिम्मेवार किसे कहा था और जगदीश साह संघ काल से भाजपा का झंडा ढोने के वाबजूद पिछले विधानसभा में पार्टी के विरोध में चुनाव किसके कारण लड़े थे।
अब यदि पार्टी इनलोगो के शिकायत को उचित मानती है और इन्हें वापस पार्टी में लेती है तो बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि क्या इन्हें वापस लेने के साथ साथ पार्टी उक्त आरोपित नेता पर कारवाई भी करती है या एकबार फिर अपने प्रदेश में बैठे स्वजातीय आका के पॉवर से आरोपित नेता का प्रभुत्व कायम ही रहता है!

