
दीक्षांत समारोह में मिथिला के पाग चादर की जगह साफा-पगड़ी ड्रेसकोड का विरोध शुरू। Voice of Darbhanga
दरभंगा: आगामी एक अप्रैल को होने वाले दीक्षांत समारोह में ड्रेस कोड के रूप में स्थानीय मिथिला का परिधान के नाम पर विश्विद्यालय प्रशासन द्वारा मिथिला के अपमान किये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया में लगातार इसका विरोध सभी वर्गों द्वारा स्पष्ट रूप से बढ़ते हुए देखा जा रहा है। मिथिला के परिधान पाग चादर की जगह साफा पगड़ी को मिथिला का अपमान बताया जा रहा है। गुरुवार को मिथिला स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भी दीक्षांत समारोह में मिथिला के परिधान पाग-चादर के बदले साफा-अंगवस्त्रम पर नाराजगी जताई है और विरोध में गुरुवार आयकर चौराहा पर लनामिविवि के कुलपति का पुतला दहन किया गया। मौके पर विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमन सक्सेना ने कहा कि मिथिला की लोक संस्कृति का प्रतीक पाग- चादर को दरकिनार कर बाहरी संस्कार को आगे लाकर कुलपति ने मिथिलावासियों का अपमान किया है। इसे मिथिला स्टूडेंट यूनियन कदापि स्वीकार नहीं करेगा। ड्रेस कोड में पाग
चादर को शामिल कराने का हर संभव विरोध किया जाएगा। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन हमारी बात को संज्ञान नहीं लेता है तो इसका और उग्र विरोध किया जाएगा। विवि सचिव जयप्रकाश झा ने कहा कि कुलपति ने एक सप्ताह पूर्व दिए गए इस आशय का ज्ञापन को भी नजर अंदाज किया है। अतएव अब इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन को और कड़ा विरोध झेलना पड़ेगा। यूनियन मिथिला क्षेत्र और छात्र के विकास के साथ यहां के पारंपरिक धरोहर को संरक्षण देने को प्रतिबद्ध है। मौके पर सुधांशु कर्ण, अमित सिंह, बालकृष्ण झा, अभिषेक झा, संतोष सिंह, नीरज शेखर, विकास, शंकर, अविनाश, सोमनाथ मिश्रा समेत दर्जनों मौजूद थे।

