Home मुख्य ब्रह्मपुर गांव की जर्जर सड़क को है उद्धारक का इंतजार। Voice of Darbhanga
मुख्य - April 8, 2018

ब्रह्मपुर गांव की जर्जर सड़क को है उद्धारक का इंतजार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: ब्रह्मपुर पंचायत अंतर्गत सकरी बाजार से लगे ब्रह्मपुर गांव की जर्जर सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क पर केवल ईंट पत्थर के टुकड़े और मिट्टी ही बचे हैं। जगह- जगह छोटे बड़े गड्ढे बने हुए हैं। राह पर बने इस गड्ढे में लोगों के घरों से बहनेवाला गंदा पानी जमा हो जाता है। इससे सड़क पर वाहनों की कौन कहे पैदल चलना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है। परेशान ग्रामीणों ने जर्जर हो चुके मार्ग को शीघ्र बनाने की मांग की है। सकरी बाजार स्थित महावीरजी मंदिर से दलित बस्ती होते हुए लंका टोल तक जाने वाली करीब एक किलोमीटर सड़क का आजादी के बाद 1984 में खरंजाकरण किया गया था। उस समय मनीगाछी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नागेंद्र झा थे। उन्हीं के ऐच्छिक कोष से खरंजाकरण हुआ था। समय बीतने के साथ रखरखाव के अभाव में यह खरंजा सड़क भी टूटती चली गई। कुछ वर्ष पहले इस सड़क के निर्माण का कार्य शुरू किया गया। किंतु ग्रामीणों की ओर से निर्माण कार्य में गड़बड़ी का विरोध करने से कार्य रुक गया। जिस कारण सड़क की स्थिति नारकीय बनी हुई है। गांव में रहने वाले हजारों लोगों को इस गड्ढे बन चुके टूटे-फूटे सड़क पर चलने की मजबूरी है। ग्रामीण कृष्णदेव मंडल, पुनीत राम, उपेंदर मंडल, गंगा पासवान, विवेक झा, ललन मंडल, संतोष कुमार मंडल, संतोष साहू ने बताया कि महावीरजी मंदिर से लंका टोल के बीच की दूरी करीब एक किलोमीटर है। इस सड़क पर रिक्शा चलना भी मुश्किल है। जर्जर सड़क पर बड़े- बड़े गड्ढे होने के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। लेकिन, इसके बाद भी पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। हरिजन बस्ती और लंका टोल के हजारों लोग अपनी हर जरूरत को पूरा करने के लिए आवागमन के वास्ते इसी जर्जर सड़क का उपयोग करने को मजबूर हैं। मार्ग जर्जर होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण करने की मांग की है।

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