Home मुख्य आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर सवर्ण समाज ने दिया धरना। Voice of Darbhanga
मुख्य - April 10, 2018

आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर सवर्ण समाज ने दिया धरना। Voice of Darbhanga

दरभंगा: एससी ,एसटी एक्ट पर माननीय उच्चतम न्यायालय के संसोधन के समर्थन और आर्थिक आधार पर आरक्षण देने की मांग को लेकर लहेरियासराय के पोलो मैदान स्थित धरनास्थल पर सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों द्वारा एकदिवसीय शांतिपूर्ण सांकेतिक धरना का आयोजन किया गया।
धरना का आयोजन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाधयक्ष सुरेश प्रसाद सिंह , ऑल बिहार ब्राह्मण फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदयशंकर चौधरी, एवं ब्रह्मऋषि विकास संस्थान के सचिव संजीत ठाकुर के संयुक्त अध्यक्षता में किया गया। धरनार्थियों ने सर्वप्रथम एससी , एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह माननीय उच्चतम न्यायालय का लिया गया निर्णय वर्तमान परिस्थिति के अनुसार पूर्णतः व्यवहारिक निर्णय है , और वे भी इसका स्वागत करते हैं । सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में बस इतना ही कहा गया कि बिना जांच गिरफ्तारी नहीं हो जिससे कोई निर्दोष नहीं फंसे । यह बिल्कुल ही व्यवहारिक कदम है ।इसकी व्यवहारिकता को समझने कि जरुरत है । अ०भा०क्ष०महासभा के उपाध्यक्ष नवनीत कुमार सिंह उर्फ बिजली सिंह ने अपने संबोधन में कहा वर्णों को आर्थिक नीति आधार पर आरक्षण दे अल्पसंख्यक स्वर्ण भी हैं जो राजपूत ब्राह्मण भूमिहार लाला अन्य जाति की उच्च जाति में आते हैं उनको भी आर्थिक आधार पर आरक्षण की ज़रूरत है हम आरक्षण विरोधी नहीं है सभी को मान सम्मान मिलना चाहिए न कि जाति के आधार पर आरक्षण होना चाहिए । वहीं अ०भा०क्षत्रिय महासभा के जिला महामंत्री ओम प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सामंतवादी ताकतों ने इस मुद्दे को बेवजह भटका रहे हैं । एवं लोगों को आपस में लड़वा रहे हैं । बाबा भीम राव अंबेडकर जी ने कहा था , आजादी के 10 वर्षों तक जो अति पिछड़े हैं , जो अति पिछडी जाति से हैं , दलित समाज से हैं उनकी विकास 10 वर्षों में हो जाएगी । आने वाले समय में यह देखा गया की आर्थिक रुप से इस देश में सभी जातियों के लोग हैं उसमें स्वर्ण भी हैं ,अन्य जाति के हैं , अति पिछड़ी भी हैं , पिछड़ी जाति के हैं । सभी जातियों में गरीब तबके के आर्थिक स्थिति कमजोर है । इसीलिए सरकारी महकमा से, सरकार और सुप्रीम कोर्ट से यह मांग करते हैं कि भारत देश में जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं उन्हें आरक्षण देना उचित होगा, न की जाति के जातियता के आधार पर । यह सर्व उचित नहीं है ।
अपने संबोधन में ऑल बिहार फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष उदयशंकर चौधरी ने कहा कि हम आरक्षण का विरोध नही करते, परंतु आरक्षण का आधार आर्थिक बनाने की मांग कर रहे हैं। सवर्ण समाज मे भी आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आगे बढाने की जरूरत है। आख़िर वे भी इसी देश के नागरिक हैं।वहीं दुसरी ओर भूमिहार महासभा के अवनीश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी के बाद तात्कालिक स्थिति को देखते हुए दस वर्षों केलिए जातिगत आरक्षण की व्यवस्था की गई थी ताकि दबे कुचले वर्ग को सहायता मिल सके। परंतु आज आजादी के सत्तर साल बाद परिस्थितियां बदल चुकी है। दबे कुचले गरीब हर जाति में हैं। अतः आरक्षण का आधार आर्थिक ही होना चाहिए।
मौके पर नवनीत सिंह उर्फ बिजली सिंह, ओमप्रकाश सिंह, सुंदरलाल चौधरी, मुकुंद कुमार चौधरी, अमलेश झा, देवेंद्र झा, प्रभात सिंह, उमेश चौधरी, नंद किशोर चौधरी, बिरेन्द्र कुमार सिंह, संजय झा, रचित झा, सुनील कुमार, उमेश चौधरी, पुरूषोत्तम सिंह राठौर, सुमित झा, राजेन्द्र, अशोक, विमल, रामबाबू चौधरी, गुड्डु सिंह, अरूण सिंह, रंजीत, ठाकुर भूपेन्द्र सिंह,बिरेन्द्र कुमार, अशोक सिंह आदि उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन अनिल झा और धन्यवाद ज्ञापन ओमप्रकाश सिंह ने किया.

Share

Leave a Reply