Home मुख्य आज भी लालटेन युग मे काम कर रहा है नगर विधायक के बगल में अवस्थित भारत सरकार का एक उपक्रम। Voice of Darbhanga
मुख्य - विशेष - April 12, 2018

आज भी लालटेन युग मे काम कर रहा है नगर विधायक के बगल में अवस्थित भारत सरकार का एक उपक्रम। Voice of Darbhanga

दरभंगा। अभिषेक कुमार
चिराग तले अंधेरा कहावत को चरितार्थ करता आज भी दिख जाता है दरभंगा शहर के व्यवसायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भारत सरकार का एक उपक्रम बड़ा बाजार अवस्थित उप डाकघर। इस बाजार में तमाम बड़े प्रतिष्ठानों के होने के साथ साथ चार बार से भाजपा के व्यवसायी विधायक संजय सरावगी का आवास महज सौ कदम की दूरी पर है। इन सबके वाबजूद इस उपडाकघर में वर्षो से बिजली का कनेक्शन नही है। कार्यालय अंदर गली मे होने के कारण दिन में भी अंधेरा रहता है। इस अंधेरे को दूर कर किसी प्रकार कार्य करने केलिए इमरजेंसी लाइट और टॉर्च का स्थायी तौर पर उपयोग किया जाता है। गर्मी में कर्मी बिना पंखे के पसीने पसीने हो जाते हैं। यहां स्पीड पोस्ट की सुविधा लिखी तो है और कंप्यूटर भी है। पर बिजली के अभाव में न स्पीड पोस्ट होता है और न ही कंप्यूटर शोभा की वस्तु से ज्यादा कोई महत्व रखता है। इस पोस्ट आफिस के अंतर्गत कादिराबाद और कटकी बाजार ग्रामीण डाकघर भी आते हैं। व्यवसायिक दृष्टिकोण से इस पोस्ट ऑफिस में काम भी अच्छा खासा होता है।
इस संबंध में बात करने पर पोस्ट मास्टर प्रमोद कुमार ठाकुर बताते हैं कि इस संबंध में कईबार विभाग को लिखा जा चुका है। पर मकान मालिक द्वारा किराया बढ़ाने के विवाद को लेकर कनेक्शन नही हो पा रहा है। बिजली कनेक्शन केलिए अप्लाई करने पर रेंट एग्रीमेंट के साथ साथ नगर निगम की होल्डिंग रसीद भी माँगी जाती है जो मकान मालिक द्वारा उपलब्ध नही करवाया जा रहा है। करीब दो महीने पहले महाप्रबन्धक ने भी इस डाकघर का निरीक्षण किया था। सारी स्थिति को उन्होंने भी देखा पर कोई समाधान नही हुआ।
इसी सम्बन्ध में जानकारी देते हुए एक एजेंट ने बताया कि मकान मालिक जगदीश साह इसी विभाग से रिटायर्ड हैं और अपने परिचय का फायदा उठा कर अपने इस मकान में पोस्ट आफिस वर्षो पहले शिफ्ट करवा लिया। पर अब यह जगह व्यवसायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हो जाने के कारण उनकी महत्वकांक्षा बढ़ गयी है। वे अब पोस्ट आफिस को अपने मकान में रखना भी नही चाहते परंतु एग्रीमेंट के कारण निकाल भी नही सकते। इसलिए जानबूझ कर बिजली का कनेक्शन नही होने दे रहे हैं ताकि विभाग परेशान होकर खुद उनका मकान खाली कर दे।
कारण जो भी जो, परंतु भारत सरकर के इस उपक्रम की यह स्थिति व्यवस्था के मुँह पर एक जोरदार तमाचा जरूर लगाती नजर आती है। खासकर यह तमाचा तब और जोरदार हो जाता है जब केंद्र की भाजपा सरकार के ही विधायक और सांसद लगातार वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं और फिर भी बीच शहर में भाजपा विधायक के घर के बगल में यह दृश्य नजर आता है। साथ ही साथ वर्तमान में बिहार में सत्ताधारी दल में भाजपा शामिल है जिसके मुखिया गांव गांव में 24 घण्टे निर्वाध बिजली आपूर्ति का ढोल पीटते हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि मुद्दा सामने आने पर सरकार और प्रशासन के प्रतिनिधि पहल कर इस शर्मिदगी से सरकार की छवि को निजात दिलाते हैं या कुम्भकर्णी नींद जारी रखते हुए सरकार की भद्द पिटाते रहते हैं।

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