
सामाजिक दवाब के सामने झुकी ससुर के साथ भागी महिला, पति के साथ रहने को हुई तैयार। Voice of Darbhanga

दरभंगा: कहा जाता है कि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और समाज से टूट कर नही रह सकता। समाज मे कोई सामाजिक ताना बाना को तोड़कर अपने आर्थिक ताकत का उपयोग कर लेता है पर जब समाज का एकीकृत दवाब हो तो सारी शक्ति क्षीण हो जाती है। इसी का उदाहरण गुरुवार को जिले के जाले थानाक्षेत्र के एक गाँव में देखने को मिला जहां एक महिला अपने पति और दो बच्चों को छोड़ चचेरे ससुर के साथ कोलकाता भाग गयी थी और जब पति उसे खोजते हुए लाने पहुँचा तो उसने आने से इनकार कर दिया था। परंतु सामाजिक दवाब में उसे झुकना पड़ा और अपने पति और बच्चों के पास लौटना पड़ा।
ज्ञात हो कि बुधवार को थानाक्षेत्र के एक गांव के युवक ने अपने चाचा पर अपनी पत्नी को भगा ले जाने के सम्बन्ध में एक आवेदन दिया था जिसमे उसने बताया था कि उसकी पत्नी नही आना चाह रही है जबकि दो छोटे बच्चों का वास्ता भी दिया था। इसके बाद गाँव के पंचो ने भी फोन पर उस महिला को समझाया बुझाया, पर वह नही मानी। तब पंचो ने उसके चचेरे ससुर पर दवाब बनाया तो वह उसे वापस भेजने को तैयार हो गया। इसके बाद महिला वापस लौटी। दोनो पति पत्नी के बीच ग्राम कचहरी में पंचो के सामने बांड बनवाया गया और सामंजस्य के साथ नए जीवन की शुरुआत केलिए समझाया गया। पति भी इतने दिनों बाद पत्नी को वापस पाकर बहुत खुश हुआ और सब भूलकर नए जीवन की शुरुआत का वादा किया।

