
डीएमसीएच में पेयजल केलिए हाहाकार, खराब पड़े हैं अधिकांश चापाकल और वाटर कूलर। Voice of Darbhanga

दरभंगा: गर्मी से तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। इस तपिश में पानी लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित होता है। खासकर बीमार और लाचारों केलिए जल का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन इस साल भी डीएमसीएच के कर्मी और मरीज बाजार के पेयजल पर निर्भर रहेंगे। कारण यहां चार से लेकर दो साल पूर्व खरीदे गए वाटर कूलर कचरे रूम में पड़े हैं। इसमें पांच साल पूर्व लगे डेढ़ दर्जन वाटर कूलर और आरओ सिस्टम अभी तक नियमित रूप से चालू नहीं हो पाए हैं । इस मशीनों की वारंटी भी समाप्त हो चुकी हैं। इसके बाद इन मशीनों के एएमसी का डेड लाइन समाप्त हो चुका है। हालांकि आपूर्तकर्ताओं को राशि उसी समय ऑन द स्पॉट ही प्राप्त हो गई थी। इसके पूर्व अस्पताल अधीक्षक ने लाखों रुपये की लागत से आरओ सिस्टम और वाटर कूलर की खरीद की थी। सबों में खुशी की लहर दौड़ गई थी कि उन्हें भी ठंडा व स्वच्छ जल नसीब होगा। लेकिन इन लोगों पर पानी फिर गया। उधर मरीजों और कर्मियों को इस मशीन का पानी पिलाने की सरकार की योजना भी स्थानीय प्रशासन ने फेल कर दी है। इधर अस्पतालों में लगे अधिकांश चापाकल खराब पड़े हैं। दस साल पहले यहां 200 से अधिक चापाकल लगे थे।

